लाडो लक्ष्मी पर सरकार का विपक्ष को जवाब,एक लाख नई महिलाओं को मिलेगा लाभ
- एक लाख सालाना आय वाली महिलाओं के लिए नहीं होगा कोई बदलाव
चंडीगढ़, 02 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों के बाद शुक्रवार को फिर से बदलाव कर दिया है। इस फैसले से राज्य की एक लाख से अधिक नई महिलाओं को योजना का सीधा लाभ मिलेगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में इस योजना में संशोधन को मंजूरी दी गई थी। विपक्ष द्वारा इसे लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। ये भी आरोप विपक्ष लगा रहा है कि चुनावी वादे को पूरा करने की बजाय सरकार अब शर्तें लगा रही है। सरकारी प्रवक्ता ने शुक्रवार को स्पष्ट किया है कि एक लाख रुपये सालाना पारिवारिक आय वाली महिलाओं को पहले की तरह योजना का लाभ मिलता रहेगा। किसी भी मौजूदा लाभार्थी का लाभ न तो रोका गया है और न ही समाप्त किया गया है। उन्हें पहले की तरह 2100 रुपये प्रतिमाह मिलते रहेंगे।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, योजना के विस्तार के तहत तीन नई श्रेणियां जोड़ी गई हैं। इन श्रेणियों में पात्रता के लिए पारिवारिक सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम होनी चाहिए और यह लाभ अधिकतम तीन बच्चों तक सीमित रहेगा। महिला सशक्तिकरण को स्थायी आधार देने के लिए सरकार ने योजना में एक नई दूरदर्शी व्यवस्था भी जोड़ी है। अब 2100 रुपये में से 1100 रुपये सीधे महिला के खाते में जमा होंगे। 1000 रुपये राज्य सरकार द्वारा आरडी/एफडी के रूप में जमा किए जाएंगे यह राशि ब्याज सहित महिला को मिलेगी। यदि लाभार्थी की असामयिक मृत्यु होती है, तो यह जमा राशि तुरंत नॉमिनी को दी जाएगी।
पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन पर मां को प्रोत्साहन
पहली श्रेणी में वे परिवार शामिल किए गए हैं, जिनकी आय 1.80 लाख रुपये से कम है और जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हुए 10वीं या 12वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते हैं। ऐसे मामलों में अब माताओं को भी 2100 रुपये प्रतिमाह का लाभ मिलेगा।
निपुण मिशन से जुड़ी माताओं को भी लाभ
दूसरी श्रेणी के तहत, जिन परिवारों के बच्चे भारत सरकार के निपुण मिशन के अंतर्गत कक्षा 1 से 4 तक ग्रेड लेवल प्रोफिशिएंसी हासिल करते हैं, उन बच्चों की माताएं भी लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे में आएंगी।
कुपोषण से बाहर लाने वाली माताओं को सम्मान
तीसरी श्रेणी में उन माताओं को शामिल किया गया है, जिनके बच्चे कभी कुपोषित या एनीमिया से ग्रस्त थे, लेकिन माताओं के प्रयासों से पोषण ट्रैकर में वे ग्रीन जोन में आ गए। ऐसी माताओं को भी अब 2100 रुपये की सहायता मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

