हरियाणा: नए रूप में दिखेंगी प्रदेश की आईटीआई,बदलेंगे कोर्स व मशीनें
चंडीगढ़, 03 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अब सुधार होगा। सरकार ने फैसला किया है कि हर जिले की वास्तविक स्थिति अफसर खुद जाकर देखेंगे और उसी आधार पर तय होगा कि कहां नए भवन चाहिए, कहां मशीनें बदली जाएं और किन संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं की सबसे ज्यादा कमी है।
शनिवार को पंचकूला स्थित कौशल भवन में हुई समीक्षा बैठक के दौरान युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता मंत्री गौरव गौतम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यालय में बैठे अधिकारियों को जिलावार जिम्मेदारी दी जाए। ये अधिकारी मौके पर जाकर आईटीआई की इमारतों, वर्कशॉप्स और ट्रेनिंग सुविधाओं की फिटनेस जांचेंगे।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण केवल औपचारिक न हो। रिपोर्ट में यह साफ लिखा जाएगा कि कौन-से आईटीआई भवन जर्जर हालत में हैं। कहां सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते। किन संस्थानों में नई इमारत की तत्काल जरूरत है। गौरव गौतम ने कहा कि जब तक इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत नहीं होगा, तब तक कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता नहीं सुधर सकती।
जिलावार निरीक्षण में केवल भवन ही नहीं, बल्कि आईटीआई में मौजूद सुविधाओं का पूरा आकलन किया जाएगा। इसमें वर्कशॉप्स की स्थिति, मशीनों की कार्यक्षमता, लैब और टूल्स की उपलब्धता, बिजली, सुरक्षा और साफ-सफाई व्यवस्था सहित सभी सुविधाओं की भी जांच होगी। जिन संस्थानों में मशीनें पुरानी या अनुपयोगी पाई जाएंगी, वहां नई और हाईटेक मशीनों की जरूरत को रिपोर्ट में दर्ज किया जाएगा।
राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलावार रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय किया जाए कि किस आईटीआई में कौन-से नए कोर्स शुरू किए जाएं। औद्योगिक जिलों में सीएनसी, ऑटोमेशन और मशीन मेंटेनेंस, शहरी क्षेत्रों में आईटी, डेटा सपोर्ट और इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर, इलेक्ट्रिकल और फील्ड-आधारित ट्रेड शुरू हो सकती हैं। इससे कोर्स सीधे स्थानीय रोजगार की मांग से जुड़े रहेंगे। सरकार आईटीआई को ऐसे प्रशिक्षण केंद्रों में बदलना चाहती है, जहां छात्रों को वही तकनीक सिखाई जाए, जो उन्हें इंडस्ट्री में इस्तेमाल करनी होगी। इसीलिए रिपोर्ट के आधार पर आधुनिक मशीनें, सिमुलेटर और इंडस्ट्री-ग्रेड उपकरण लगाने की योजना है। राज्य मंत्री के मुताबिक, प्रशिक्षण का जोर अब थ्योरी से ज्यादा हैंड्स-ऑन प्रेक्टिकल पर रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

