हरियाणा के अस्पतालों में मेडिकल व पैरामेडिकल के छह हजार पद खाली

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चंडीगढ़, 23 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा के अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल स्टाफ के हजारों पद खाली पड़े हैं। रानियां से इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला के प्रश्न के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने विस्तृत रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कई महत्वपूर्ण श्रेणियों में बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं। सिविल सर्जन व समकक्ष स्वास्थ्य अधिकारियों के 51 में से 22 पद खाली हैं। सीनियर मेडिकल ऑफिसर के 644 में से 210, मेडिकल ऑफिसर के 4054 में से 541 रिक्त, दंत चिकित्सक के 725 में से 87 रिक्त, एमपीएचडब्ल्यू (फिमेल) के 2724 में से 779 खाली तथा एलटी (जी) के 1335 में से 407 रिक्त हैं। इसी तरह स्टाफ नर्स/नर्सिंग ऑफिसर के 5039 में से 653 खाली खाली हैं। फार्मेसी ऑफिसर के 1085 में से 385 पद और फिजियोथेरेपिस्ट के 62 में से 57 पद खाली हैं। स्वास्थ्य विभाग में 6,000 से अधिक पद खाली पड़े हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर पड़ रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार ने रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। मेडिकल ऑफिसर के 450 पद पहले ही विज्ञापित किए जा चुके हैं। एमपीएचडब्ल्यू (फिमले) के 700 पद, एलटी के 70 पद, स्टाफ नर्स के 348 पद और कई अन्य श्रेणियों के पद एचएसएससी और एचपीएससी को भेजे जा चुके हैं।

सिविल सर्जन, एसएमओ तथा एमपीएचएस आदि के पद प्रमोशन से भरे जाएंगे। रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि असिस्टेंट मैट्रन (18 पद), चीफ नर्सिंग ऑफिसर (28 पद) तथा एचएन (121 में से 100 खाली) हैं। इन पदों पर योग्य उम्मीदवार कैडर में उपलब्ध ही नहीं हैं, इसलिए भर्ती में दिक्कत आ रही है। पदों के खाली होने की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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