हरियाणा पुलिस अब चलाएगी ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’

WhatsApp Channel Join Now

- डीजीपी ने अधिकारियाें काे पत्र लिखकर दिए निर्देश

चंडीगढ़, 30 नवंबर (हि.स.)। हरियाणा में अपराधियों की धरपकड़ के लिए ऑपरेशन ट्रैक डाउन चलाने के बाद अब पुलिस ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ चलाएगी। हरियाणा पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने रविवार को सभी जिलों के डीएसपी, एसपी, एसटीएफ और हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यूनिट इंचार्ज सहित चौकी स्तर तक के अधिकारियों को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

डीजीपी सिंह ने बताया कि 5 से 27 नवंबर तक चले ऑपरेशन ट्रैक डाउन के दौरान कुख्यात अपराधियों को जेल भेजा गया और सैकड़ों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। अब इन अपराधियों के जेल में रहते हुए उनके व्यवहार में सुधार लाने और बाहर बेल पर आए लोगों की निगरानी पर जोर दिया जाएगा।

डीजीपी ने कहा कि 312 चिन्हित अपराधी, जो अब भी फरार हैं, उनको फौरन गिरफ्तार करें। उनकी सूची को बगल के राज्य की पुलिस से साझा करें। उनके फोटो सर्कुलेट कर जिले के एसपी से उनके ठिकानों के बारे में सूचना देने के लिए आग्रह करें। साथ-साथी पीओ भी घोषित करवाएं। लुकआउट नोटिस जारी करवाएं, कुख्यात बदमाशों के पासपोर्ट कैंसिल करवाएं।

डीजीपी ने कहा कि जिन अपराधियों को ऑपरेशन ट्रैक डाउन के दौरान जेल भेजा गया है, उनसे मुलाकात के लिए आने वाले लोगों पर नजर रखी जाए। पुलिस तथा जेल अधिकारियों के तालमेल बढ़ाया जाए ताकि बाहर से मिलने वाले सहयोग पर कार्रवाई की जा सके। डीजीपी ने उग्र लोगों के हाथ में हथियार हत्या का सामान है। इसे बनाने, बेचने और खरीदने वालों को ढूंढ-ढूंढ कर जेल भेजें। गन हाउस का पूरा हिसाब रखें। बताया गया है कि इनमें से कुछ अपराधियों को ब्लैक में कारतूस बेचते हैं। अपराधियों की सैकड़ों करोड़ की काली कमाई की सूची, जो आपने बनाई है, उसकी जब्ती की प्रक्रिया पूरी करें। इनके नाजायज कब्जों की प्रक्रिया के अनुसार ढहाने में सिविल प्रशासन की सहायता करें।

डीजीपी ने कहा कि अक्सर शिकायत आती है कि गांव-गांव, शहर-शहर में नशेड़ी, जुआरी, सटोरियों और आवारागर्दी करने वालों के अड्डे हैं। दिसंबर महीने में आप ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन चलाएं। ऐसे अड्डों में आप कॉम्बिंग अभियान चलाएं। हर किसी के पास घर-कंबल नहीं होता। ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जो इनकी सहायता के लिए तैयार रहते हैं। दोनों के बीच संपर्क स्थापित करें। सरकारी की भी ऐसी अनेक योजनाएं हैं, इनको उससे भी जोड़ें। संकल्प लें कि आपके इलाके में कोई गरीब सर्दी से ना ठिठुरे और भूखा भी ना सोए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

Share this story