मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस ने चंडीगढ़ में किया प्रदर्शन
चंडीगढ़, 25 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर वीबी-जी रामजी करने के विरोध में बुधवार को हरियाणा के कांग्रेस विधायकों और सांसदों ने विधानसभा कूच करने का प्रयास किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में आंदोलनकारी जैसे ही चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय से विधानसभा की तरफ कूच करने लगे, चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने बैरीकेड्स पर चढक़र आगे बढऩे का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने अपनी सख्ती से उन्हें जाने नहीं दिया। बाद में चंडीगढ़ पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, सोनीपत के सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, अंबाला के सांसद वरुण मुलाना, हिसार के सांसद जयप्रकाश जेपी और हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष चौधरी उदयभान समेत करीब दो दर्जन विधायकों व कई जिलाध्यक्षों को हिरासत में ले लिया।
हरियाणा में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों के बाद यह पहला मौका था जब राजधानी चंडीगढ़ में कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं की उम्मीद से अधिक कार्यकर्ता जुटे तो उनके प्रबंध कम पड़ गए।
कांग्रेस सांसदों व विधायकों को हिरासत में लेकर चंडीगढ़ पुलिस सेक्टर तीन थाने पहुंची, जहां कांग्रेस नेता धरने पर बैठ गये। वहीं पर केंद्र व राज्य सरकार के विरुद्ध कांग्रेस नेताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में सभी आंदोलनकारियों को रिहा कर दिया गया।
विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मजदूरों व श्रमिकों के हितों की मनरेगा योजना को खत्म कर दिया है। इस सरकार के पास कांग्रेस के कार्यकाल में शुरु की गई योजनाओं को बंद करने के अलावा कोई काम नहीं रह गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

