हरियाणा के शहरों में तय होगा स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग केंद्रीय टीम
चंडीगढ़, 02 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा के शहरों को स्वच्छता सर्वे में सूचकांक दिया जाएगा। केंद्रीय टीम 15 अप्रैल के बाद हरियाणा का दौरा करेगी। इस संबंध में स्थानीय निकाय विभाग ने प्रदेश के सभी निकायों को दस्तावेज पूरे करने के निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय टीम का यह दौरान पहले अप्रैल के शुरुआती दिनों में प्रस्तावित था, लेकिन अब कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। इससे निकायों को सर्टिफिकेशन और तैयारी पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
यह सर्वे बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके तहत देशभर के शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय होती है।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों को पुरस्कार और अतिरिक्त अनुदान मिलता है। शहर की छवि और निवेश आकर्षण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
प्रदेश के सभी शहरी निकायों को 5 अप्रैल तक सर्टिफिकेशन का कार्य हर हाल में पूरा करना होगा। इसी आधार पर केंद्रीय टीम शहरों का दौरा कर स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, सीवरेज सिस्टम और अन्य व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करेगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले केंद्रीय टीम का दो बार और आने का कार्यक्रम टल चुका है। इस बार अंतिम मूल्यांकन के आधार पर शहरों की रैंकिंग तय की जाएगी।
केंद्रीय टीम के सर्वे के दौरान पानी को दूषित होने से बचाने के लिए किए गए प्रबंधों का निरीक्षण होगा। कचरा मुक्त शहर, 100 प्रतिशत कचरा उठान, निष्पादन का ब्योरा भी देना होगा। सूखा-गीला कचरा अलग-अलग करने और कचरा प्लांट तक पहुंचाने के बाद उसके निष्पादन के प्रबंधों को भी देखा जाएगा। केंद्रीय टीमें शहरों में पहुंचकर पता करेगी कि वास्तविकता काम हो रहा है या नहीं। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल का कहना है कि स्वच्छता के लिए इस बार बेहतर कार्य कराए जा रहे हैं। स्वच्छता के कार्य में लगी एजेंसियों की निगरानी के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
केंद्रीय टीमों के पहुंचने से पहले निकायों को सर्टिफिकेशन के कार्यों में खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ प्लस और ओडीएफ प्लस प्लस) के लिए किए गए प्रबंधों का ब्योरा स्वच्छ सर्वेक्षण की वेबसाइट पर ऑनलाइन देना होगा। इस ब्योरे के आधार पर टीम धरातल पर किए गए कामों को परखेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

