हरियाणा विधानसभा में आएगा जल प्रदूषण नियंत्रण संशोधन एक्ट का प्रस्ताव

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चंडीगढ़, 22 जून (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आज यहां जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) संशोधन एक्ट, 2024 (सेंट्रल एक्ट 5 ऑफ 2024) के अपनाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई, जिससे राज्य में संशोधित केंद्रीय कानून लागू करने का रास्ता साफ़ हो गया।

वॉटर (प्रदूषण की रोकथाम और कंट्रोल) संशोधित एक्ट, 2024 को संसद ने लागू किया था और 15 फरवरी, 2024 को पर्यावरण मंत्रालय वन एवं मौसम बदलाव ने नोटिफाई किया था। इस संशोधन का मकसद वॉटर (प्रदूषण की रोकथाम और कंट्रोल) एक्ट, 1974 के तहत छोटे अपराधों को डीक्रिमिनलाइज़ और रैशनलाइज़ करना है, जिसका उद्देश्य भरोसे पर आधारित शासन को बढ़ावा देना, जीवन को आसान बनाना और बिजऩेस करने में आसान बनाना है। यह बदला हुआ कानून राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरपर्सन के नॉमिनेशन की प्रक्रिया को भी आसान बनाता है।

यह संशोधित एक्ट शुरू में हिमाचल प्रदेश और राजस्थान राज्यों पर लागू हुआ, जिन्होंने इसे अपनाने के लिए प्रस्ताव पास किए थे। दूसरे राज्य अपनी-अपनी विधानसभाओं से प्रस्ताव पास करके इस एक्ट को अपना सकते हैं। कैबिनेट की मंज़ूरी के साथ हरियाणा अब वॉटर (प्रदूषण की रोकथाम और कंट्रोल) संशोधित एक्ट, 2024 को अपनाने के लिए राज्य विधानसभा में प्रस्ताव लाएगा, जिससे इसके नियम राज्य में लागू हो जाएंगे। बदले हुए कानून को अपनाने से पानी के प्रदूषण को नियत्रित करने वाले रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इससे छोटे-मोटे प्रक्रिया के उल्लंघन के लिए अपराधिक सज़ा की जगह ज़्यादा संतुलित और नियमों के पालन आधारित तरीका अपनाया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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