विजन-2047 के तहत कृषि को नई दिशा देगा हरियाणा, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर : मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 03 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा को विजन-2047 के अनुरूप कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में कृषि विभाग के आगामी पांच वर्षों के रोडमैप एवं कार्ययोजना की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं, बजट घोषणाओं और संकल्प पत्र में शामिल कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विजन-2047 के लक्ष्यों को तय समय सीमा में धरातल पर उतारा जाए, ताकि हर किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।
बैठक में सेम प्रभावित भूमि को सेम मुक्त बनाने के अभियान की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष 1.40 लाख एकड़ भूमि को सेम मुक्त करने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 15 लाख स्वायल हेल्थ कार्ड जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 3.75 लाख मिट्टी के नमूने लिए जाने हैं, जिनमें से अब तक 50,620 नमूने एकत्र किए जा चुके हैं। शेष लक्ष्य जुलाई तक पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अभियान में स्कूलों के विद्यार्थियों, कॉलेज के छात्रों और ग्रामीण युवाओं को स्वयंसेवक के रूप में जोड़ा जाए, ताकि वे मिट्टी परीक्षण की प्रक्रिया को समझ सकें और कृषि के प्रति उनकी रुचि भी बढ़े।
बैठक में प्राकृतिक खेती और जैविक (ऑर्गेनिक) खेती को बढ़ावा देने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 10 जिलों में प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। हिसार और गुरुग्राम में अलग मंडियां स्थापित की जाएंगी, जबकि अन्य आठ मंडियों में इनके लिए अलग स्थान निर्धारित किया जाएगा। किसानों की फसलों के प्रमाणीकरण की व्यवस्था को भी और मजबूत करने पर चर्चा हुई।
बैठक में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) तकनीक को बढ़ावा देने, किसानों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक किसानों को इस तकनीक से जोडऩे पर भी चर्चा हुई।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

