अब तहसीलों के नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर, 48 घंटे में होगा समस्यओं का निवारण

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राजस्व शिकायतों का घंटों में होगा समाधान, सिटीजन हेल्पडेस्क लांच

चंडीगढ़, 17 अप्रैल (हि.स.)। अब राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। महज 48 घंटे में शिकायत का समाधान होगा। सरकार की ओर से सिटीजन हेल्पडेस्क लांच किया है, जिस तहसीलों में टोकन के अनुमोदन में देरी और ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली में तकनीकी खामियां का निवारण होगा।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि इस पहल के तहत अब पंजीकरण, टोकन देरी, तकनीकी खामियों, भ्रष्टाचार या उत्पीडऩ से जुड़ी शिकायतों का समाधान 48 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा।

यह सिंगल-विंडो प्रणाली नागरिकों को बिना दफ्तरों के चक्कर लगाए त्वरित राहत देने और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। उन्होंने बताया कि नागरिक हेल्पडेस्क एक सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा, जहां हरियाणा के निवासी तहसीलों में टोकन के अनुमोदन में देरी, ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली में तकनीकी खामियां, पेपरलेस पंजीकरण से जुड़ी समस्याएं, भ्रष्टाचार, अधिकारियों द्वारा उत्पीडऩ या सरकारी सेवाओं, विशेषकर संपत्ति पंजीकरण से संबंधित किसी भी प्रकार की अनियमितता के बारे में शिकायत दर्ज करवा सकेंगे।

दो तरीकों से कर सकते हैं संपर्क

डॉ. मिश्रा ने बताया कि नागरिक दो माध्यमों से हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकते हैं-निर्धारित लैंडलाइन नंबर 0172-271-1693 पर कॉल करके या आधिकारिक ईमेल ‘हेल्पडेस्क-आरईवी एट एचआरवाई डॉट जीओवी डॉट इन’ पर लिखकर। यह हेल्पडेस्क सोमवार से शुक्रवार तक सभी कार्य दिवसों पर सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक संचालित रहेगा। शिकायत दर्ज होने के बाद शिकायतकर्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ऑटो-जनरेटेड यूनिक शिकायत नंबर भेजा जाएगा। इससे शिकायत की रीयल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी और नागरिक बिना बार-बार सरकारी कार्यालय गए अपनी शिकायत की स्थिति जान सकेंगे, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए समय-सीमा निर्धारित

उन्होंने बताया कि इस पहल के अंतर्गत निर्धारित समय अवधि में समस्या का समाधान आवश्यक होगा। यदि पंजीकरण टोकन पांच दिनों के भीतर अनुमोदित नहीं होता है, तो नागरिक सीधे हेल्पडेस्क पर मामला उठा सकते हैं। किसी भी चरण में अनावश्यक देरी होने पर टोकन धारकों को तुरंत संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि टोकन अनुमोदित होने के बाद आवेदकों को दस दिनों के भीतर अपॉइंटमेंट बुक करना होगा, अन्यथा सिस्टम द्वारा टोकन स्वत: रद्द कर दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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