गुरुग्राम: महिलाओं को शिक्षित व आत्मनिर्भर बनाना ही सशक्तिकरण का मार्ग : डा. गीता मल्होत्रा

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गुरुग्राम: महिलाओं को शिक्षित व आत्मनिर्भर बनाना ही सशक्तिकरण का मार्ग : डा. गीता मल्होत्रा


गुरुग्राम, 07 मार्च (हि.स.)। महिलाओं को शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना ही वास्तविक सशक्तिकरण का मार्ग है। रीड इंडिया वर्ष 2007 से इसी दिशा में कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने जीवन के साथ-साथ अपने समुदाय में भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम-गिव टू गेन यानी दान से लाभ है। यह बात रीड इंडिया की सीईओ डा. गीता मल्होत्रा ने शनिवार काे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अपने संदेश में कही।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत में कई महिलाओं के लिए आत्मविश्वास प्राप्त करना भी एक बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे में उन्हें सुरक्षित वातावरण, मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग प्रदान करना जरूरी है। महिलाओं को अपनी क्षमता पहचानने और समस्याओं का समाधान स्वयं खोजने के लिए प्रेरित किया गया। रीड इंडिया की पहल वन वीमेन, वन फैमिली, वन विलेज इसी विचार पर आधारित है कि यदि एक महिला सशक्त होती है तो उसका प्रभाव पूरे परिवार और गांव तक पहुंचता है। डा. गीता मल्होत्रा ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में रीड इंडिया ने 50,000 से अधिक महिलाओं को विभिन्न स्किलिंग कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित और सशक्त बनाया है। इन कार्यक्रमों के तहत महिलाओं को पुस्तकालय में किताब पढऩे और अपने बच्चों की शिक्षा जारी रखने के लिए भी प्रेरित किया गया। आज यह पहल 500 से अधिक गांवों में समुदायों को जोड़ते हुए सामाजिक और आर्थिक विकास का आधार बन रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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