गुरुग्राम: इस बार मानसून के दौरान कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो: विपुल गोयल

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गुरुग्राम: इस बार मानसून के दौरान कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो: विपुल गोयल


गुरुग्राम में हुई समीक्षा बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद व मानेसर के अधिकारियों को दिए निर्देशगुरुग्राम, 17 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने गुरुग्राम स्थित लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में गुरुग्राम, फरीदाबाद और मानेसर के अधिकारियों के साथ मानसून तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस बार मानसून के दौरान कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।निकाय मंत्री ने शुक्रवार काे कहा कि सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने विशेष रूप से सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई व मरम्मत कार्य मानसून से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में पंप, मशीनरी और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि नहीं होनी चाहिए। मंत्री विपुल गोयल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त उन्होंने स्ट्रे कैटल फ्री अभियान को प्रभावी रूप से चलाने तथा फरीदाबाद रोड को मलबा मुक्त करने के निर्देश भी दिए।तीनों शहरों की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद और मानेसर नगर निगमों द्वारा मानसून को लेकर की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जलभराव संभावित स्थानों की पहचान, ड्रेनों की सफाई, स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन की स्थिति, सीवरेज व्यवस्था और रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में कुल 159 जलभराव संभावित स्थान चिन्हित किए गए हैं। इनमें चार अत्यधिक गंभीर, 39 गंभीर, 56 मध्यम और 60 मामूली श्रेणी के स्थान शामिल हैं। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा ड्रेनों की सफाई और मरम्मत कार्य तेज गति से जारी है। कुल 607 किमी ड्रेन में से 408.59 किमी की सफाई पूरी हो चुकी है तथा शेष कार्य 31 मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ड्रेन से संबंधित 97 कार्यों में से 72 पूरे हो गए हैं तथा शेष प्रगति पर हैं। मानसून के दौरान जलभराव से निपटने के लिए 109 पंप और 63 सक्शन टैंकर की व्यवस्था की जा रही है। गुरुग्राम में कुल 468 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं में से 309 कार्यशील हैं, जबकि 159 को दुरुस्त किया जा रहा है। इनकी मरम्मत और सफाई से जलभराव की समस्या कम करने और भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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