गुरुग्राम: थार गाड़ी की टक्कर से घायल दिवांश की चार दिन बाद मौत

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-दिवांश की कजन बहन आईसीयू में है भर्ती

-गुरुग्राम में जेल चौक पर हुए हादसे में घायल हुआ था परिवार

-ब्लड-अल्कोहल टेस्ट में 12 घंटे की देरी पर परिवार ने उठाए पुलिस पर सवाल

गुरुग्राम, 21 जुलाई (हि.स.)। नशे में धुत तेज रफ्तार थार की टक्कर ने गुरुग्राम के चड्ढा परिवार का चिराग छीन लिया है। 17 जुलाई को जेल चौक पर हुए हादसे में गंभीर रूप से घायल 20 वर्षीय दिवांश चड्ढा ने इलाज के दौरान चार दिन बाद सोमवार की रात करीब डेढ़ बजे दम तोड़ दिया। हादसे में दिवांश की कजन बहन अभी भी वेंटिलेटर पर है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

यह हादसा 17 जुलाई अलसुबह 04:40 बजे जेल चौक पर हुआ। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट मीनाक्षी चड्ढा अपने बेटे दिवांश, बेटी और रिश्तेदार की बेटी के साथ बलेनो कार से जा रही थीं। तभी तेज रफ्तार महिंद्रा थार ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बलेनो के परखच्चे उड़ गए। आरोप है कि थार चला रहा रोहित शराब के नशे में था और गाड़ी लहराते हुए चला रहा था। टक्कर के बाद वह घायलों से बदतमीजी कर फरार होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे पकडक़र पुलिस को सौंप दिया। इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की ओर से आरोपियों के ब्लड-अल्कोहल टेस्ट में 12 घंटे की देरी की गई। हादसा सुबह 04:40 बजे हुआ और पुलिस आरोपी रोहित को शाम 05:15 बजे अस्पताल ले गई, लेकिन उसका ब्लड-अल्कोहल टेस्ट शाम 05:27 बजे हुआ। यानी घटना के करीब 12 घंटे बाद यह टेस्ट किया गया। जानकारों का कहना है कि इतनी देरी से शरीर में अल्कोहल की मात्रा कम हो जाती है, जिससे कोर्ट में वैज्ञानिक सबूत कमजोर पड़ सकते हैं। रोहित को लोगों ने पकडक़र पुलिस को सौंपा था, लेकिन कई घंटे बाद दर्ज एफआईआर में गिरफ्तारी का उल्लेख नहीं किया गया। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अस्पताल में टूटी सांसें, बहन जिंदगी की जंग लड़ रही

हादसे के बाद दिवांश और उसकी बहन को आईसीयू में भर्ती कराया गया था। दिवांश के सिर और छाती में गंभीर चोटें थीं। चार दिन तक डॉक्टरों की टीम उसे बचाने में जुटी रही, लेकिन लगातार गिरते बीपी और अंदरूनी ब्लीडिंग के कारण रात डेढ़ बजे उसने अंतिम सांस ली। दिवांश की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। मां मीनाक्षी चड्ढा का रो-रोकर बुरा हाल है। दिवांश की बहन अब भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। डॉक्टर अगले 24-48 घंटे को उसके लिए बेहद अहम बता रहे हैं। एसीपी अपराध नवीन शर्मा ने बताया कि थार में चालक रोहित के साथ दो और लोग सवार थे जो मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। आरोपी रोहित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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