गुरुग्राम: चैट जीपीटी से आरटीआई की जानकारी दिखाने पर तहसीलदार काे जुर्माना

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गुरुग्राम: चैट जीपीटी से आरटीआई की जानकारी दिखाने पर तहसीलदार काे जुर्माना


-गुरुग्राम में वर्ष 2022 में तैनात रहे तहसीलदार पर 25 हजार रुपये जुर्माना

गुरुग्राम, 02 सितंबर (हि.स.)। सूचना का अधिकार (आरटीआई) का जवाब समय पर न देने पर हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने तत्कालीन तहसीलदार-सह-एपीआईओ सतीश कुमार पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह आदेश सूचना आयुक्त डॉ. अजय कुमार सूरा ने तीन समान मामलों की एक साथ सुनवाई में दिया। आरोप है कि विभाग ने जानकारी वेबसाइट पर होने की दलील दी और सुनवाई में चैट जीपीटी एवं गूगल सर्च से इसे साबित करने की कोशिश की, जो विफल रही।

डीएलएफ निवासी हरिंदर धींगड़ा ने सात नवंबर 2022 को आरटीआई दायर कर प्रशासनिक जानकारियां मांगी थीं। 30 दिन में जवाब देना था, लेकिन एसपीआईओ जवाब देने में विफल रहे। 10 मई 2026 को अधूरा जवाब दिया गया कि जानकारी वेबसाइट पर मौजूद है। इससे असंतुष्ट होकर आवेदक आयोग पहुंचे। जून 2026 की सुनवाई में एसपीआईओ के प्रतिनिधि ने आयोग के सामने वेबसाइट पर जानकारी लाइव दिखाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। फिर एआई प्लेटफॉर्म चैट जीपीटी और गूगल सर्च का सहारा लिया। आयोग ने आदेश में लिखा कि यह अनोखा प्रयास पूरी तरह निरर्थक और बेअसर रहा। इससे साबित हुआ कि विभाग ने भ्रामक दलील देकर आवेदक को गुमराह किया।

आयुक्त ने कहा कि आरटीआई निपटाने में लापरवाही और ढीला रवैया अस्वीकार्य है। हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि बिना उचित कारण देरी दंडात्मक कार्रवाई को आमंत्रित करती है। हालांकि आयोग के हस्तक्षेप के बाद 21 अगस्त 2026 को पूरी जानकारी दे दी गई थी, लेकिन यह शुरुआती चूक को खत्म नहीं करती। आयोग ने 25 हजार जुर्माना तीन महीने में सरकारी खाते में जमा करने और उपायुक्त गुरुग्राम को वसूली सुनिश्चित करने के आदेश दिए। कहा कि यदि अधिकारी रिटायर हो चुके हैं तो राशि पेंशन से वसूली जाए। साथ ही देरी की जांच कर दोषी स्टाफ पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता हरेंद्र ढींगरा ने कहा कि उन्होंने चार अपील दायर की थीं, एक में सजा मिली है, तीन में माफ कर निपटारा कर दिया गया। वे तीन मामलों में भी हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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