गुरुग्राम: अब टैंकरों से नहीं पाइपलाइन से पार्कों तक पहुंचेगा एसटीपी ट्रीटेड पानी

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गुरुग्राम: अब टैंकरों से नहीं पाइपलाइन से पार्कों तक पहुंचेगा एसटीपी ट्रीटेड पानी


-सेक्टर-39, साउथ सिटी-1 व ग्रीनवुड सिटी के पार्कों में बिछेगी एसटीपी ट्रीटेड वाटर सप्लाई पाइपलाइन

-इस प्रोजेक्ट पर 1.98 करोड़ रुपये का अनुमान बजट किया गया स्वीकृत

गुरुग्राम, 19 जनवरी (हि.स.)। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) द्वारा शहर में जल संरक्षण को बढ़ावा देने और पेयजल की बचत सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल जा रही है। इसके तहत नगर निगम के जोन-3 के अंतर्गत सेक्टर-39, साउथ सिटी-1 तथा ग्रीनवुड सिटी के विभिन्न पार्कों में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से उपचारित पानी की आपूर्ति के लिए वितरण पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस योजना के क्रियान्वयन से पार्कों की सिंचाई में पेयजल पर निर्भरता कम होगी और वैकल्पिक जल स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

इस परियोजना के लिए कुल 1.98 करोड़ रुपये की लागत का अनुमानित बजट स्वीकृत किया गया है। योजना के अंतर्गत एसटीपी से प्राप्त ट्रीटेड पानी को पाइपलाइन के माध्यम से पार्कों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे हरियाली बनाए रखने के साथ-साथ प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पेयजल की बचत संभव हो सकेगी। यह कदम शहर के सतत विकास और जल संसाधनों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार सेक्टर-39, मोहयाल कॉलोनी, साउथ सिटी-1 (ए ब्लॉक से के ब्लॉक तक), ग्रीनवुड सिटी (वार्ड नंबर 12 एवं 13) के पार्कों में एसटीपी ट्रीटेड पानी की नियमित आपूर्ति की जाएगी। इससे इन क्षेत्रों के पार्कों की सिंचाई सुचारू रूप से हो सकेगी और गर्मी के मौसम में हरियाली बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। परियोजना के तहत झाड़सा तालाब को भरने की व्यवस्था भी शामिल की गई है, जो वर्तमान में पूरी तरह सूखा हुआ है। ट्रीटेड पानी से तालाब को भरने से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्र के भूजल स्तर में भी सुधार होने की संभावना है।

इस योजना में सेक्टर-39 स्थित पार्क संख्या (एच. नंबर-198 के सामने) स्थापित माइक्रो एसटीपी से तीन पार्कों की सिंचाई की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सेक्टर-39 मार्केट स्थित एक पार्क में भी माइक्रो एसटीपी के ट्रीटेड पानी का उपयोग किया जाएगा, ताकि उपचारित जल का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार इस प्रकार की योजनाओं से न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार को भी मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की योजनाएं लागू करने की संभावना पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में जल संरक्षण एमसीजी की प्राथमिकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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