गुरुग्राम: वर्तमान में शहीद-ए-आजम के विचारों की बहुत जरूरत: राजेंद्र पाठक

WhatsApp Channel Join Now
गुरुग्राम: वर्तमान में शहीद-ए-आजम के विचारों की बहुत जरूरत: राजेंद्र पाठक


-ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन ने मनाई शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 120वीं जयंती

गुरुग्राम, 28 सितंबर (हि.स.)। ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन गुरुग्राम इकाई द्वारा सोमवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 120वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने भगत सिंह के विचारों को आज के दौर में प्रासंगिक बताया।

कार्यक्रम में ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन गुरुग्राम के अध्यक्ष एडवोकेट राजेंद्र पाठक ने कहा कि आज के दौर में शहीद-ए-आजम के विचारों की बहुत जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह शहीद-ए-आजम भगत सिंह का भारत नहीं है। भगत सिंह ने समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, सबको काम, भाईचारा और बराबरी का सपना देखा था। उन्होंने कहा कि हमें आज खुद से यह वादा करना होगा कि हम भगत सिंह के सपनों को साकार करेंगे। राजेंद्र पाठक ने कहा कि शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह भारत के सबसे महान और प्रसिद्ध क्रांतिकारी थे। उनका जन्म 28 सितंबर 1907 को बंगा, लायलपुर (अब पाकिस्तान) में हुआ था। जलियांवाला बाग की घटना, क्रांतिकारी संगठनों से जुड़ाव, समाजवादी विचारों की ओर बढ़ता रुझान, जेल और भूख हड़ताल जैसे पड़ावों ने उनके जीवन की दिशा तय की और वे आजादी के आंदोलन में कूद पड़े। भगत सिंह जब करीब 12 साल के थे, तब जनरल डायर की गोलीबारी के बाद वे अमृतसर पहुंचे। उन्होंने जलियांवाला बाग जाकर वहां की खून से सनी मिट्टी अपने साथ ली और देश को आजाद कराने की कसम खाई।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन जनरल सेक्रेटरी एडवोकेट विनोद भारद्वाज ने कहा कि देश की आजादी के लिए सरदार भगत सिंह ने मात्र 23 वर्ष की उम्र में 23 मार्च 1931 को हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूम लिया। नौजवान भारत सभा और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की स्थापना व संचालन। लाल लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए ब्रिटिश पुलिस अधिकारी सांडर्स को मारा। आठ अप्रैल 1929 को बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर भरी सेंट्रल असेम्बली में पर्चे फेंके और बम धमाका किया जिसका उद्देश्य किसी को मारना नहीं बल्कि बहरों को अपनी आवाज सुनाना था। इस कार्यक्रम में एडवोकेट आरके तंवर, एसएस डागर, महेंद्र सिंह, ज्योति शर्मा, कुलदीप शर्मा, एसएस हुड्डा, पटेल सहित कई अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया और शहीद भगत सिंह को याद किया।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

Share this story