गुरुग्राम: पंजाब के सीएम के वीडियो की फर्जी रिपोर्ट बनाने के आरोप में दो गिरफ्तार

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गुरुग्राम: पंजाब के सीएम के वीडियो की फर्जी रिपोर्ट बनाने के आरोप में दो गिरफ्तार


गुरुग्राम: पंजाब के सीएम के वीडियो की फर्जी रिपोर्ट बनाने के आरोप में दो गिरफ्तार


-गुरुग्राम में कथित वीडियो की फर्जी रिपोर्ट बनवाने के आरोप

-शिकायतकर्ता ने लगाए धमकी, जबरन वसूली व षड्यंत्र के आरोप

गुरुग्राम, 23 जून (हि.स.)। पंजाब के मुख्यमंत्री की एक विवादित वीडियो की कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने के मामले में गुरुग्राम के डीएलएफ सेक्टर-29 थाने मे एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का जिक्र किया गया है लेकिन नाम नही है। शिकायतकर्ता जसप्रीत उर्फ जस्सी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है।

शिकायत के अनुसार जसप्रीत नामक व्यक्ति गुरुग्राम में फॉरेंसिक और साइबर कार्यों से जुड़ा है। उससे पंजाब सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संपर्क कर होटल क्राउन प्लाजा गुरुग्राम में 15 जून 2026 को बुलाया। उसने बताया कि जब वह रात को 10 बजे होटल क्राउन प्लाजा गुरुग्राम पहुंचा तो उसकी मुलाकात उस व्यक्ति से हुई, जिसने स्वयं को पंजाब सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बताया था। उसके साथ एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। वहां मौजूद लोग उन्हें बड़े साहब कहकर बात कर रहे थे। शिकायतकर्ता जसप्रीत ने कहा है कि अगर उस अधिकारी को उसके सामने लाया जाता है तो वह उसकी पहचान कर सकता है। बैठक के दौरान उसे बताया गया कि पंजाब के मुख्यमंत्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। उस वीडियो को लेकर ऐसी रिपोर्ट तैयार करानी है, जिसमें यह दर्शाया जाए कि वह वीडियो एआई द्वारा फर्जी तरीके से बनाया गया है। वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उपलब्ध सामग्री किसी विश्वसनीय फॉरेंसिक परीक्षण के योग्य नहीं थी। इसलिए उसने इस कार्य के लिए स्पष्ट रूप से मना कर दिया। जसप्रीत के मुताबिक 16 जून को दोबारा से उसके साथ बैठक कर उस पर वीडियो की रिपोर्ट बनाने का दबाव बनाया गया। जसप्रीत की ओर से शिकायत में कहा गया है कि उसे धमकी दी गई। परिवार की सुरक्षा को लेकर डराया गया और लगभग 10 लाख रुपये जबरन उसकी गाड़ी में रख दिए गए।

शिकायत के अनुसार बाद में साइफर सेंटिनल लैब और साइबेरियन लैब्स नामक संस्थाओं से रिपोर्ट प्राप्त कराई गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन संस्थाओं की प्रामाणिकता और मान्यता की जानकारी उसे नहीं है। रिपोर्टों के ड्राफ्ट उन अधिकारियों द्वारा तैयार कराए जा रहे थे, जो उससे मिले थे। इस मामले की जांच के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं में सेक्टर-29 थाना में इस मामले में केस दर्ज किया गया है। केस दर्ज किए जाने के बाद उप-निरीक्षक प्रभारी अपराध शाखा सेक्टर-40 गुरुग्राम ललित के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में संलिप्त रहे दो आरोपियों को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अरुण महेंद्रू निवासी सिरसा व अंकित निवासी जींद के रूप में हुई है। एफआईआर में पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को बगैर नाम के नामजद किया गया है।

पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बुधवार देर शाम बताया कि पुलिस ने मामले की जांच असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर तरुण कुमार को सौंपी है। थाना प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र कुमार की मौजूदगी में केस दर्ज होने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों और इलाके के मजिस्ट्रेट को भेजी गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता से संपर्क कर आगे की जांच की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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