गुरुग्राम: कंपनी की सीज संपत्ति के फर्जी दस्तावेजों से कराई अवैध रजिस्ट्री

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गुरुग्राम: कंपनी की सीज संपत्ति के फर्जी दस्तावेजों से कराई अवैध रजिस्ट्री


-पुलिस ने धोखाधड़ी के इस मामले में एक आरोपी को किया गिरफ्तार

गुरुग्राम, 06 मई (हि.स.)। यहां एक कंपनी की सीज संपत्ति की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रजिस्ट्री करा ली गई। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति के नियंत्रण में इस संपत्ति को जाली दस्तावेजों/फर्जी बोर्ड रेजोल्यूशन के माध्यम से बेचा गया। इस फर्जीवाड़े में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बुधवार को बताया कि आरोपी ने अपने अन्य साथियों के माध्यम से फर्जी पहचान अपनाकर अपने बैंक खाते कंपनी के नाम पर खाता खुलवाकर इस वारदात को अंजाम दिया।

जानकारी के अनुसार 14 मार्च 2024 को शिकायतकर्ता नायब तहसीलदार द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया कि पीजीएफ लिमिटेड कंपनी की सीज संपत्ति ब्लॉक-सी, सुशांत लोक-3 गुरुग्राम सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति के नियंत्रण में थी। उसको बिना समिति की अनुमति के आरोपियों द्वारा फर्जी बोर्ड रेजोल्यूशन, गलत घोषणा एवं जाली दस्तावेजों का प्रयोग कर अवैध रूप से रजिस्ट्री करा दी गई। इस संबंध में पुलिस थाना सेक्टर-56 गुरुग्राम में केस दर्ज किया गया। इस मामले की आगामी जांच आर्थिक अपराध शाखा-1 गुरुग्राम की पुलिस टीम द्वारा की जा रही है। आर्थिक अपराध शाखा-1 गुरुग्राम की पुलिस टीम ने इस अपराध में शामिल एक आरोपी को बेंगलुरु (कर्नाटक) से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेंद्र सिंह निवासी जिला कैलाली, नेपाल के रूप में हुई है। फर्जीवाड़ा करने के लिए उसने अपना नाम रविंदर प्रसाद रखा था। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से फर्जी पहचान अपनाकर स्वयं को रविंद्र प्रसाद दर्शाया। फर्जी आधार कार्ड/पैन कार्ड के माध्यम से बैंक खाते खुलवाए। आरोपी द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पीजीएफ कंपनी के नाम से करंट बैंक खाता खुलवाकर स्वयं को उसका प्रोपराइटर दर्शाया गया। इसके बाद आरोपियों द्वारा फर्जी बोर्ड रेजोल्यूशन तैयार कर प्लॉट को डीलर के माध्यम से बेच दिया। प्लॉट की राशि में से एक भाग फर्जी बैंक खाते में जमा कराया गया, जिसे आरोपियों द्वारा चेक के माध्यम से निकलवा लिया गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड का कार्य करता था। अन्य व्यक्तियों के कहने पर फर्जी दस्तावेज बनवाकर बैंक खाते खुलवाए थे। आरोपी ने यह भी बताया कि ठगी में उसे लगभग पांच लाख रुपये मिले थे। पुलिस टीम द्वारा इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में अन्य संलिप्त आरोपियों की पहचान, फर्जी दस्तावेजों व वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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