गुरुग्राम: देश में पहली बार अपराध की कमाई के आरोपी से पीडि़त को मिला मुआवजा
नए भारतीय कानून से मिला पीडि़त को त्वरित न्याय
गुरुग्राम, 03 मार्च (हि.स.)। अपराध की आय से पीडि़त को भारत में पहली बार गुरुग्राम पुलिस ने मुआवजा दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। मात्र 60 दिन के अंदर गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी द्वारा पीडि़त से हड़पी गई राशि से खरीदी गई कार की कुर्की करवाकर पीडि़त को पैसे वापिस दिलाए।पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने मंगलवार को बताया कि पुलिस थाना सेक्टर-10ए गुरुग्राम में दर्ज एक मामले में गुरुग्राम पुलिस द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) 2023 की धाराओं के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की। इस मामले में आरोपी द्वारा पीडि़त से 14 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर उक्त राशि से फॉक्सवैगन विरटस कार खरीदी गई थी। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस जांच के दौरान यह पता चला कि वह कार अपराध (धोखाधड़ी) से अर्जित राशि से खरीदी गई थी। इस संबंध में गुरुग्राम पुलिस द्वारा न्यायालय के समक्ष बीएनएस की धारा के तहत वाहन को कुर्क करने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। आरोपी द्वारा न्यायालय में वाहन को अपराध की आय से खरीदा जाना भी स्वीकार किया गया। जिस पर न्यायालय द्वारा 21 जनवरी 2026 को कुर्की के आदेश पारित किये गये। न्यायालय के आदेशानुसार गुरुग्राम पुलिस द्वारा जिला मजिस्ट्रेट गुरुग्राम के माध्यम से बीएनएस की धारा के तहत नीलामी एवं वितरण की कार्रवाई की। डीसी कार्यालय के माध्यम से सार्वजनिक सूचना जारी कर सरकार के ई-ऑक्शन इंडिया पोर्टल के माध्यम से ई-नीलामी संपन्न कराई गई। जिसमें वाहन की उच्चतम बोली 11 लाख 30 हजार रुपये लगी। 26 फरवरी 2026 को न्यायालय को सूचित करते हुए सफल बोलीदाता द्वारा 11 लाख 30 हजार रुपये की राशि का चेक न्यायालय में पीडि़त को दिया गया। पुलिस की ओर से दावा किया गया है कि देश में पहली बार अपराध की आय से पीडि़त को प्रत्यक्ष आर्थिक मुआवजा दिलाया गया। इस प्रकार भारतीय न्याय संहिता-2023 के प्रावधानों के अंतर्गत अपराध की वास्तविक आय से पीडि़त को प्रत्यक्ष मुआवजा दिलाया जाना भारत में पहली बार हुआ है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

