गुरुग्राम: उत्पादकता केवल मशीन, मैनपावर व टारगेट तक सीमित नहीं: दीपक मैनी

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गुरुग्राम: उत्पादकता केवल मशीन, मैनपावर व टारगेट तक सीमित नहीं: दीपक मैनी


-पीएफटीआई प्रोडक्टिविटी समिट में जुटे 100 से अधिक उद्योगपति

-फिट वर्कफोर्स, वाट्सऐप और एचआरएमएस को बताया उत्पादकता का नया मंत्र

गुरुग्राम, 26 सितंबर (हि.स.)। बदलते कारोबारी माहौल में उद्योगों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए शनिवार को प्रोगे्रसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) समिट 1.0 आयोजित की गई। इस समिट में गुरुग्राम और मानेसर के 100 से अधिक उद्योगपति, व्यापारी और व्यावसायिक प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में पीएफटीआई के चेयरमैन दीपक मैनी, वाइस चेयरमैन डॉ. एस.पी. अग्रवाल और डायरेक्टर डॉ. अंशुल ढींगरा ने अतिथियों का स्वागत के साथ की।

पीएफटीआई के चेयरमैन दीपक मैनी ने कहा कि संगठन का प्रयास सदस्यों तक रोजमर्रा की चुनौतियों को कम करने वाले समाधान पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आज उत्पादकता केवल मशीन, मैनपावर और टारगेट तक सीमित नहीं है। कर्मचारी की ऊर्जा, ग्राहक से प्रभावी संवाद और संगठन के मजबूत सिस्टम का तालमेल ही व्यवसाय को भविष्य के लिए तैयार कर सकता है। वाइस चेयरमैन डॉ. एस.पी. अग्रवाल ने स्वस्थ मानव संसाधन को मजबूत उद्योग की बुनियाद बताया। समिट के पहले सत्र में एसजीटी यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ फिजियोथैरेपी की टीम ने प्रोडक्टिविटी थ्रू मूवमेंट विषय पर अहम जानकारी दी। डॉ. प्रियंका ऋषि के नेतृत्व में डॉ. अंकिता पारखे और डॉ. जयंतिका भारद्वाज ने बताया कि सही पोस्चर, मूवमेंट और कार्यस्थल पर किए जाने वाले सरल अभ्यासों से कर्मचारियों की ऊर्जा और कार्यक्षमता कैसे बढ़ाई जा सकती है। पीएफटीआई-एसजीटी फिट वर्कफोर्स मिशन को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। दूसरे सत्र में अनन्तया डॉट एआई की फाउंडर याशिका कोठारी और उनकी टीम रोज, मोक्षिका और काश्वी कोठारी ने बताया कि वाट्सऐप अब सिर्फ मैसेजिंग टूल नहीं रहा। यह लीड फॉलो-अप, ग्राहक संवाद, पेमेंट रिमाइंडर, री-एंगेजमेंट और बिजनेस ग्रोथ का प्रभावी माध्यम बन चुका है। कई मैनुअल फॉलो-अप को वाट्सऐप ऑटोमेशन से तेज, व्यवस्थित और ट्रैक करने योग्य बनाया जा सकता है। तीसरे सत्र में 30 डेज टेक्नोलॉजिस प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ प्रवीण मित्तल और सीटीओ रोहित आर्या ने एचआरएमएस की व्यावहारिक उपयोगिता समझायी। डायरेक्टर जनरल एडवोकेट आर.एल. शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नई सोच और सही विशेषज्ञों से जोड़ते हैं। डायरेक्टर डॉ. अंशुल ढींगरा ने कहा कि आने वाला समय कम संसाधनों से अधिक प्रभाव का है और इसके लिए तकनीक के साथ सही प्रक्रिया जरूरी है। कार्यक्रम में पीएफटीआई पैटर्न हरीश घई, रणनीतिक सलाहकार प्रदीप बी. मोदी, नरेश गुप्ता, गुरुग्राम चैप्टर अध्यक्ष पी.के. गुप्ता, महासचिव राकेश बत्रा, कोर कमेटी सदस्य संत लाल शर्मा, डी.पी. गौर, संजय जैन, राजेंद्र सैनी सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति मौजूद रहे। समिट का मुख्य संदेश रहा-स्वस्थ लोग, स्मार्ट कम्युनिकेशन और मजबूत सिस्टम ही भविष्य के उत्पादक व्यवसाय की पहचान है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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