गुरुग्राम में शांतिदूत बनकर पहुंचा शांति डॉग आलोका

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गुरुग्राम में शांतिदूत बनकर पहुंचा शांति डॉग आलोका


-गुरुग्राम में शांति डॉग आलोका से मिलने उमड़ा जनसैलाब

-पशु प्रेमियों ने लिया शांति और करुणा का संदेश

-द वेस्टिन होटल में आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोगों ने की मुलाकात

गुरुग्राम, 17 जून (हि.स.)। शांति डॉग के नाम से प्रसिद्ध आलोका बुधवार को बौद्ध भिक्षु पन्नकारा के साथ गुरुग्राम पहुंचे। उसे मिलने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। सेक्टर-29 स्थित द वेस्टिन होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में पशु प्रेमियों ने आलोका के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उसके प्रति अपना स्नेह व्यक्त किया। कार्यक्रम का आयोजन दिव्यम खेरा की ओर से किया गया। मंगलवार देर सायं यहां एक कार्यक्रम के दौरान एक प्रशंसक आलोका के सामने हाथ जोडक़र बैठा भी नजर आया। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में बेसहारा और जरूरतमंद जानवरों के प्रति दया, करुणा और संवेदनशीलता का संदेश देना था। बौद्ध भिक्षु पन्नकारा के अनुसार आलोका की प्रेरणादायक यात्रा भारत से शुरू हुई थी और दुनिया के कई देशों में शांति का संदेश देने के बाद अब उसे फिर से भारत लाया गया है। हाल ही में आलोका ने दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और बौद्ध भिक्षुओं से भी मुलाकात की थी।

बौद्ध भिक्षु पन्नकारा के अनुसार आलोका की कहानी वर्ष 2022 में कोलकाता की गलियों से शुरू हुई। बोधगया शांति यात्रा के दौरान एक बौद्ध भिक्षु के साथ यह स्ट्रीट डॉग स्वयं चलने लगा और फिर लगातार करीब 100 दिनों तक जंगलों, गांवों और विभिन्न क्षेत्रों में उनके साथ यात्रा करता रहा। इस दौरान एक सडक़ दुर्घटना में वह घायल भी हुआ, लेकिन स्वस्थ होने के बाद दोबारा यात्रा में शामिल हो गया। आलोका की निष्ठा, शांत स्वभाव और समर्पण को देखते हुए बौद्ध भिक्षुओं ने उसे गोद ले लिया और पाली भाषा में उसका नाम आलोका रखा, जिसका अर्थ प्रकाश या रोशनी होता है। इसके बाद वह भिक्षुओं के साथ कई देशों की शांति यात्राओं का हिस्सा बना। पन्नकारा ने बताया कि भारत से अमेरिका ले जाए जाने के बाद आलोका ने वर्ष 2025 में टेक्सास से शुरू हुई वैश्विक शांति यात्रा में भाग लिया। उसने अमेरिका के 10 राज्यों से गुजरते हुए लगभग 3,700 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की। इससे पहले वह श्रीलंका, थाईलैंड सहित कई देशों में भी शांति अभियानों से जुड़ चुका है।

चार वर्ष के आसपास उम्र वाले भारतीय नस्ल के इस डॉग के माथे पर दिल के आकार का विशेष निशान बना हुआ है, जो उसकी पहचान बन चुका है। सोशल मीडिया पर भी आलोका की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इंस्टाग्राम पर उसके करीब 4.8 लाख फॉलोअर्स हैं। बौद्ध भिक्षुओं का कहना है कि आलोका की यात्रा लोगों को शांति, प्रेम और सभी जीवों के प्रति करुणा का संदेश देती है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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