गुरुग्राम: नर्सिंग ऑफिसर्स की हुंकार, मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी नहीं स्वीकार
-मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ नर्सिंग ऑफिसर्स की हुंकार
-दूसरे दिन भी काले बिल्ले लगाकर किया काम, सुबह से रात तक ड्यूटी पर विरोध जारी
गुरुग्राम, 01 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ नर्सिंग ऑफिसर्स का सरकार के प्रति गुस्सा और विरोध बढ़ता जा रहा है। गुरुग्राम में नर्सिंग ऑफिसर्स का काले बिल्ले लगाकर विरोध गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।
नागरिक अस्पताल सेक्टर-10 समेत सभी पीएचसी, सीएचसी में तैनात नर्सिंग ऑफिसर्स ने सुबह की शिफ्ट से लेकर रात की ड्यूटी तक काले बिल्ले लगाकर काम किया और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
नर्सिंग ऑफिसर्स का साफ कहना है कि यह मॉडल ट्रांसफर पॉलिसी नहीं, बल्कि टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी है। इस पॉलिसी को तुरंत रद्द किया जाए। नर्सिंग ऑफिसर्स ने बताया कि बुधवार को पहले दिन भी गुरुग्राम समेत पूरे प्रदेश में सभी नर्सिंग ऑफिसर्स ने एकजुटता दिखाते हुए काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी की थी। दूसरे दिन गुरुवार को भी यही क्रम जारी रहा। नर्सिंग ऑफिसर्स ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो यह विरोध और तेज होगा।
क्या है नर्सिंग ऑफिसर्स की आपत्ति
नर्सिंग ऑफिसर्स का आरोप है कि सरकार द्वारा लागू की गई मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी अव्यवहारिक है। इस पॉलिसी के तहत महिला स्टाफ को उसके गृह जिले से 100 से 200 किलोमीटर दूर भेजा जाएगा। इससे उनके परिवार और बच्चों की परवरिश पर असर पड़ रहा है। ट्रांसफर में सीनियोरिटी और मेरिट को दरकिनार किया जा रहा है।
नर्सिंग ऑफिसर्स की मनमाने ट्रांसफर से अस्पतालों की व्यवस्था और चरमरा जाएगी, जिसका सीधा असर मरीजों पर पड़ेगा। गुरुग्राम से नर्सिंग ऑफिसर्स ने एकजुट होकर कहा कि नर्सिंग एक इमरजेंसी सेवा है। हम मरीजों को परेशान नहीं करना चाहते, इसलिए हम हड़ताल पर न जाकर काले बिल्ले लगाकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। सरकार इसे हमारी कमजोरी न समझे। अभी दो दिन काले बिल्ले लगाकर विरोध किया गया है। आगामी 5, 6 व 7 अक्टूबर 2026 को दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, तक मरीजों को परेशानी न हो। अगर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो प्रदेश स्तर पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। नर्सिंग ऑफिसर्स ने कहा कि चाहे मेवात कैडर हो या बाकी हरियाणा, ट्रांसफर पॉलिसी में ट्रांसफर चॉइस होनी चाहिए। जो स्टाफ जहां जाना चाहे उसकी ट्रांसफर की जाये। जबरदस्ती ट्रांसफर न्यायसंगत नहीं है। मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी नर्सिंग कैडर के साथ अन्याय है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

