गुरुग्राम व नूंह में बिजली वितरण निजीकरण के खिलाफ हुए कर्मचारी
चंडीगढ़, 20 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा बिजली नियामक आयोग द्वारा गुरुग्राम व नूंह में बिजली वितरण का काम निजी कंपनी 'इलेवन पावर' को सौंपने का फैसला के खिलाफ बिजली निगम कर्मियों ने आंदोलन छेड़ दिया है।
मंगलवार को दशहरे के बावजूद राज्य के कई जिलों में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। संयुक्त मोर्चा ने 25 साल के लिए समानांतर लाइसेंस दिए जाने के इस फैसले को 'जन-विरोधी' और 'कर्मचारी-विरोधी' करार देते हुए प्रदेशव्यापी आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। इसके विरोध में कर्मचारियों ने 20 अक्टूबर से लगातार प्रदर्शन और 22 से 24 अक्टूबर तक 3 दिवसीय पूर्ण हड़ताल का शेड्यूल जारी किया है।
इंजीनियर एसोसिएशन के महासचिव रविंद्र घणघस के अनुसार 19 अक्टूबर को देर शाम आपात मीटिंग में यह फैसला हुआ है। मंगलवार को कर्मचारी संगठनों की तरफ से राज्य में ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और एचईआरसी अध्यक्ष मुकेश गर्ग के पुतले पूरे प्रदेश में फूंके गए।
21 अक्टूबर को एचईआसी के लाइसेंस से जुड़े आदेश की प्रतियां पूरे हरियाणा में जलाई जाएंगी। 22, 23 एवं 24 अक्टूबर को प्रदेश भर के सभी बिजली कार्यालयों में लगातार 3 दिन की पूर्ण हड़ताल रहेगी। हड़ताल के तीसरे दिन अगले चरण के आंदोलन और भावी रणनीति का बड़ा ऐलान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के इस आंदोलन को अधिकारी भी समर्थन कर रहे हैं। यह फैसला कर्मचारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए भी घातक सिद्ध होगा। आयोग को अपने फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए। भविष्य में इस तरह के फैसले पूरे प्रदेश को प्रभावित कर सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

