गुरुग्राम: एनजीटी ने मेफिल्ड गार्डन में अवैध निर्माण पर दिए रोक के आदेश

WhatsApp Channel Join Now
गुरुग्राम: एनजीटी ने मेफिल्ड गार्डन में अवैध निर्माण पर दिए रोक के आदेश


-पर्यावरण के नियमों के उल्लंघन व अवैध निर्माण पर दिखाई सख्ती

गुरुग्राम, 12 सितंबर (हि.स.)। मेफील्ड गार्डन टाउनशिप में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन और अवैध निर्माण के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर डॉ. अफरोज अहमद की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 तक विवादित स्थल पर कोई निर्माण कार्य न हो।

ऑर्किड आइलैंड आरडब्ल्यूए की ओर से अधिवक्ता यतीश गोयल ने शनिवार को बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से शुक्रवार की शाम को अपलोड किए गए हैं। एनजीटी ने आदेश में कहा कि यहां भूजल के अवैध दोहन, सीवेज प्रबंधन में खामियों और 4 अप्रैल व 4 अक्टूबर 2024 के अपने पुराने आदेशों का उल्लंघन हो रहा है। सभी पक्षों को नोटिस जारी किया गया है। यह मामला सेक्टर-47, 50, 51, 52, 53, 54 और 57 में फैली 327 एकड़ की मेफील्ड गार्डन टाउनशिप से जुड़ा है। डेवलपर्स द्वारा शर्तें पूरी न करने पर फरवरी 2023 में लाइसेंस रद्द हो गए थे, जिसके बाद भूखंड एचएस-02 और पीएस-08 समेत पूरी टाउनशिप के प्लॉट कानूनी रूप से गैर-हस्तांतरणीय हो गए थे।

ऑर्किड आइलैंड आरडब्ल्यूए की ओर से अधिवक्ता यतीश गोयल ने शिकायत दर्ज कराई है। पीएमओ पोर्टल पर दर्ज शिकायत में आरोप है कि एसईआईएए हरियाणा के अधिकारियों ने बिना वैध स्वामित्व के चंपा देवी जयपुरिया चैरिटेबल ट्रस्ट को पर्यावरण मंजूरी (ईसी) दी। पूरे क्षेत्र के लिए अनिवार्य कम्युलेटिव इम्पेक्ट असेसमेंट के बिना टुकड़ों में मंजूरी दी और एनजीटी/एसईआईएए के पुराने आदेशों की अवहेलना की। शिकायत में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत जांच की मांग की गई है। वहीं पर्यावरण मंत्रालय ने भी मामले का संज्ञान लेकर हरियाणा पर्यावरण विभाग से विस्तृत जवाब मांगा है। आरडब्ल्यूए के वकील यतीश गोयल ने कहा कि यह सिस्टमैटिक करप्शन का मामला है और कानून का मजाक उड़ाया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

Share this story