गुरुग्राम: गुमशुदा बुजुर्ग की हत्या कर शव जलाया, तीन आरोपी गिरफ्तार
-गाली-गलौज से नाराज होकर लाठी-डंडों से पीटा, सबूत मिटाने को आग लगाई
गुरुग्राम, 19 जून (हि.स.)। खांडसा निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग बलराम की गुमशुदगी के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने गाली-गलौज से नाराज होकर बुजुर्ग की हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को सुनसान जगह ले जाकर जला दिया।
पुलिस के अनुसार 14 जून 2026 को थाना सेक्टर-37 में एक व्यक्ति ने अपने पिता बलराम के गुम होने की शिकायत दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचना के आधार पर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि बुजुर्ग की हत्या कर दी गई थी और शव को आग के हवाले कर दिया गया था। थाना सेक्टर-37 पुलिस ने 19 जून को बीकानेर टी-प्वाइंट, गुरुग्राम से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान विशेष तोमर, 18 वर्ष, निवासी शामली, गाजियाबाद यूपी; मिथुन, 30 वर्ष, निवासी फकाना, बुलंदशहर यूपी; और संदीप, 41 वर्ष, निवासी खरखौदा, सोनीपत हरियाणा के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक आए दिन उनके साथ गाली-गलौज करता था। 12-13 जून की रात को भी झगड़ा होने पर तीनों ने लाठी-डंडों से मारपीट की, जिससे बलराम की मौत हो गई। हत्या के बाद संदीप और विशेष ने शव को मोटरसाइकिल पर रखकर खांडसा गांव के पीछे खाली जगह पर ले जाकर जला दिया। शव पूरी तरह जलने तक आरोपी वहीं निगरानी करते रहे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने मृतक के हाथ से अंगूठी निकालकर लगभग 70 हजार रुपये में एक सुनार को बेच दी थी। पुलिस ने वह अंगूठी बरामद कर ली है। जांच में सामने आया कि आरोपी संदीप के खिलाफ सोनीपत में हत्या का एक मामला और मिथुन के खिलाफ गाजियाबाद व गुरुग्राम में मारपीट के मामले पहले से दर्ज है। पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि वारदात में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी और अन्य साक्ष्य जुटाए जा सकें। मामले की जांच जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

