गुरुग्राम: राष्ट्र की एकता ही विभाजन की त्रासदी का सबसे बड़ा जवाब: संजय भाटिया
-गुरुग्राम में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की तैयारियों पर कार्यक्रम में कही यह बात
गुरुग्राम, 04 अगस्त (हि.स.)। राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि देश की एकता और अखंडता के प्रति अपने संकल्प को दोहराने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान लाखों परिवारों ने असहनीय पीड़ा, विस्थापन और अपनों के बिछडऩे का दर्द सहा, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
संजय भाटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विभाजन की त्रासदी को स्मरण कर उन सभी पीडि़त परिवारों और बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमें इतिहास से सीख लेकर समाज में भाईचारा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत करना होगा। संजय भाटिया ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का संकल्प तभी साकार होगा, जब पूरा समाज राष्ट्रहित को सर्वाेपरि मानते हुए एकजुट होकर आगे बढ़े।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम के संयोजक बोधराज सीकरी ने कहा कि वर्ष 1947 का भारत विभाजन इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक था। लाखों लोगों को अपना घर-बार, जमीन-जायदाद और अपनों को खोना पड़ा, जबकि असंख्य परिवारों ने अमानवीय यातनाएं झेलीं। उन्होंने कहा कि विभाजन की यह पीड़ा केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए एक बड़ी सीख है।
उन्होंने कहा कि हमें उन लाखों ज्ञात-अज्ञात लोगों के बलिदान और संघर्ष को सदैव स्मरण रखना चाहिए, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि विभाजन की त्रासदी को याद रखते हुए समाज में एकता, सद्भाव और राष्ट्र प्रथम की भावना को मजबूत करें तथा भारत की अखंडता और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए संकल्पित होकर कार्य करें। बैठक में महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव, विधानसभा उपाध्यक्ष कृष्ण लाल मिढ़ा, कार्यक्रम के संयोजक बोधराज सीकरी, सह संयोजक विधायक निखिल मदान, सचिव जगदीश चौपड़ा, विधायक विनोद भयाना, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, पूर्व मंत्री सुभाष सुधा, जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

