गुरुग्राम: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में चार आरोपियों को सुनाई सजा
-तीन दोषियों को 20-20 वर्ष व एक दोषी को पांच वर्ष की सजा
-पांच साल पहले नाहरपुर गांव में दिया था वारदात को अंजाम
गुरुग्राम, 06 नवंबर (हि.स.)। नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने शुक्रवार को बताया कि एडिशनल सेशन जज डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने तीन आरोपियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और एक आरोपी को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
पुलिस के अनुसार, 18 नवंबर 2021 को एक महिला ने थाना महिला मानेसर में शिकायत दी थी कि 17 नवंबर 2021 को उसकी नाबालिग बच्ची के साथ चार लडक़ों ने नाहरपुर, गुरुग्राम स्थित एक कमरे में दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। शिकायत के आधार पर थाना महिला मानेसर में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान इसमें आईपीसी की धारा 376(डी) व 365/34 भी जोड़ी गई। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान पवन, आदेश, अतुल निवासी कुंजपुरा, जिला फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) तथा अनमोल निवासी नंगला लेखराज, जिला फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई थी।
पुलिस टीम ने मामले का गहनता से अनुसंधान करते हुए आरोपियों के विरुद्ध सभी आवश्यक साक्ष्य एवं गवाह एकत्रित किए और नियमानुसार चालान अदालत में पेश किया।
अदालत ने पुलिस की प्रभावी पैरवी तथा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी पवन व अतुल को पोक्सो एक्ट की धारा छह के तहत 20-20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 30-30 हजार रुपये जुर्माने तथा आईपीसी की धारा 365/34 के तहत 5-5 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी आदेश को पोक्सो एक्ट की धारा छह के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी अनमोल को आईपीसी की धारा 365/34 के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

