हरियाणा में इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार, द्वारका एक्सप्रेसवे तक बढ़ेगा गुरुग्राम मेट्रो

WhatsApp Channel Join Now

5,452 करोड़ की गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में तेजी, 707 करोड़ के ईपीसी टेंडर

पर आगे बढ़ी प्रक्रिया

चंडीगढ़, 16 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं

को गति देने की कवायद तेज हो गई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्रगति एवं प्रोजेक्ट

मॉनिटरिंग ग्रुप की बैठक में गुरुग्राम मेट्रो, हिसार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग

क्लस्टर, एम्स माजरा-रेवाड़ी और नांगल चौधरी लॉजिस्टिक्स हब समेत प्रमुख परियोजनाओं

की समीक्षा कर समयबद्ध क्रियान्वयन और बेहतर समन्वय के निर्देश दिए।

रस्तोगी ने सभी परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित समय में पूरा

करने के लिए सम्बन्धित विभागों, जिला प्रशासन, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और कार्यान्वयन

एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 5,452.72 करोड़ रुपये की गुरुग्राम मेट्रो

परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ रही है। मिलेनियम सिटी सेंटर को साइबर सिटी

से जोड़ने के साथ-साथ परियोजना का विस्तार द्वारका एक्सप्रेसवे तक किया जाएगा। सरकारी

भूमि के उपयोग के लिए कार्य अनुमति मिलने के बाद साइट पर कार्य शुरू हो गया है।

4,679 करोड़ रुपये की हिसार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर परियोजना में

भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। परियोजना के लिए आवश्यक पूरी भूमि अब सरकार के नियंत्रण

में है और पर्यावरण सम्बन्धी मंजूरी प्राप्त हो चुकी है। इसके अलावा 707 करोड़ रुपये

के इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) टेंडर के लिए 10 निविदाएं प्राप्त

हुई हैं, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है।

बैठक में 1,646.43 करोड़ रुपये की एम्स माजरा, रेवाड़ी परियोजना की प्रगति की

भी समीक्षा की गई। रेवाड़ी के उपायुक्त ने बताया कि सड़क एवं रेल ओवरब्रिज कनेक्टिविटी

के लिए 236 करोड़ रुपये की तकनीकी स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा 169 करोड़ रुपये

की निविदा सूचना (एनआईटी) तैयार कर ली गई है।

नांगल चौधरी स्थित इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब परियोजना का कार्य

भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना के प्रथम चरण में 408 एकड़ भूमि शामिल है, जिसे

स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) को हस्तांतरित किया जा चुका है। बाहरी कनेक्टिविटी तथा

आंतरिक रेल यार्ड का कार्य पूरा हो चुका है और कंसेशनियर के चयन के लिए अनुरोध प्रस्ताव

(आरएफपी) की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

बैठक में वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के साथ राज्य में चल रही

विभिन्न विद्युत सम्प्रेषण परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

---*--

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

Share this story