अपडेट--दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड में गुरुग्राम के सात लोगों की भी मौत

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अपडेट--दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड में गुरुग्राम के सात लोगों की भी मौत


अपडेट--दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड में गुरुग्राम के सात लोगों की भी मौत


-एक ही परिवार के सात लोगों की मौत से घर में पसरा सन्नाटा

-सीए विवेक के मौसा के बारे में नहीं मिली है कोई जानकारी

गुरुग्राम, 03 जून (हि.स.)। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्तरां में बुधवार की सुबह भीषण अग्निकांड में गुरुग्राम के चार्टर्ड अकाउंटेंड समेत पूरा परिवार काल की भेंट चढ़ गया। एक ही परिवार के आठ लोग वहां पर थे, जिनमें से सात लोगों की मौत का पता चला है। एक अभी भी लापता है। इस घटना के बाद से गुरुग्राम में उनके आवास पर सन्नाटा पसरा है। पूरा परिवार इस अग्निकांड में दुनिया से विदा हो गया।

सेक्टर-46 में रहने वाले विवेक अग्रवाल के पड़ोसियों ने बताया कि विवेक अपने परिवार के साथ दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती अपने पिता राधेश्याम के पास थे। विवेक के साथ उनकी मां, पत्नी, दो बेटियां, मामा और मामी, मौसा भी हादसे के समय वहीं मौजूद थे। विवेक अग्रवाल के पिता से मिलने के बाद सभी लोग रेस्टोरेंट में नाश्ता करने के लिए गए। इसी दौरान रेस्टोरेंट में आग लग गई। विवेक अग्रवाल के ससुर दिल्ली के महावीर एनक्लेव निवासी प्रेम बंसल ने बताया कि इस घटना में उनकी बेटी तर्जनी अग्रवाल व दामाद सीए विवेक अग्रवाल, प्रेमलता अग्रवाल (विवेक की मां), एंजल अग्रवाल विवेक की बड़ी बेटी, पर्ल अग्रवाल छोटी बेटी, अशोक गोयल (विवेक के मामा) व कमला (मामी) की मौत हो गई। प्रेम बंसल ने बताया कि वे अपनी बेटी तर्जनी के ससुर राधेश्याम अग्रवाल का हाल-चाल जानने के लिए कल रात को ही बेंगलुरु से दिल्ली आए थे।

मंगलवार की रात को 08:28 बजे उनकी अपनी बेटी तर्जनी से बात हुई थी। बाद में उनके पास पुलिस का फोन आया कि चार मोबाइल फोन मिले हैं। गुरुग्राम स्थित विवेक अग्रवाल के आलीशान घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। दिल्ली गए विवेक के माैसा अभी गायब बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस रेस्टोरेंट की बिल्डिंग में बुधवार को भीषण आग लगी, वह 80 के दशक में बनी हुई थी। अवैध तरीके से इस बिल्डिंग को ऊंचाई बढ़ाई जाती रही, लेकिन सुरक्षा कारणों की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। यह रेस्टोरेंट (गेस्ट हाउस) दिल्ली सरकार की बेड एंड ब्रेक फास्ट (बीएनबी) स्कीम के तहत चल रहा था। यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसे वर्ष 2010 में राष्ट्रमंडल खेल के दौरान वर्ष लागू किया गया था। छह कमरों को बीएनबी में स्वीकृति थी।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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