गुरुग्राम: प्रदेश में संगठित श्रमिकों के लिए राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का होगा गठन: नायब सिंह सैनी
-श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ
-न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर श्रमिक हितों में हरियाणा अग्रणीगुरुग्राम, 26 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब सिंह ने भारतीय मजदूर संघ द्वारा ऑटो चालकों एवं ड्राइवरों के लिए श्रम कल्याण बोर्ड के गठन की मांग पर घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार संगठित श्रमिकों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन करेगी। इस बोर्ड के माध्यम से ऑटो चालक एवं ड्राइवरों को भी सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सेवा सुरक्षा नियम लागू करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है, जिसके तहत कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि 15 जून तक इस प्रक्रिया को पूर्ण करते हुए सभी पात्र कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री रविवार को गुरुग्राम के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में राज्य स्तरीय श्रमिक जागरुकता एवं सम्मान समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सेवा सुरक्षा नियम लागू करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है, जिसके तहत कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि 15 जून तक इस प्रक्रिया को पूर्ण करते हुए सभी पात्र कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसकी प्राप्ति में श्रमिक वर्ग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती श्रमिकों की मेहनत पर आधारित है। इसी के बल पर भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसने गत आठ अप्रैल को कोड ऑन वेजिज के प्रावधानों के तहत न्यूनतम बेसिक वेतन में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू की है। मुख्यमंत्री ने हरियाणा की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज प्रदेश विकास के मामले में नई बुलंदियों को छू रहा है और इसका श्रेय मेहनतकश श्रमिकों को जाता है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के परिश्रम के बल पर ही हरियाणा देश के सबसे तेजी से प्रगति करने वाले राज्यों में शामिल हुआ है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्रमिक कल्याण हेतु चलाई जा रही 29 योजनाओं के अंतर्गत 34 हजार 197 लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 40 करोड़ रुपये की राशि भी ट्रांसफर की, जिससे श्रमिकों के जीवन स्तर को और सुदृढ़ किया जा सके।भूमि, श्रम, पूंजी और उद्यमिता पर आधारित होती है अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था चार प्रमुख स्तंभों-भूमि, श्रम, पूंजी और उद्यमिता पर आधारित होती है। इनमें से श्रम सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, क्योंकि श्रमिकों की मेहनत ही विकास की गति को आगे बढ़ाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ऐसी व्यवस्था विकसित की है, जिससे सभी श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी और पारदर्शिता के साथ मिल सके, इसके लिए नई तकनीक का सहारा लिया गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार द्वारा ई-श्रम पोर्टल की शुरुआत की गई। इस पोर्टल पर देश के असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिकों का पंजीकरण किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

