चंडीगढ़: हरियाणा के युवाओं को डंकी रूट से रोकने की कवायद शुरू

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-विदेशों में मारे जाने वालाें के आश्रितों को आर्थिक सहायता देगी सरकार

-युवाओं के लिए शुरू होगा प्री-डिपार्चर ओरियंटेशन सेंटर

चंडीगढ़, 28 मार्च (हि.स.)। हरियाणा के युवाओं को डंकी रूट से विदेशों में जाने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने ठोस योजना तैयार की है। इस योजना को आने वाले दिनों में लागू किया जाएगा। वैध रूप से विदेश जाकर असमय मौत का शिकार होने वाले युवाओं के परिजनों को सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। विदेश सहयोग विभाग के माध्यम से इस योजना को लागू किया जाएगा।

हरियाणा में डंकी रूट से विदेश जाना बड़ी समस्या बनता जा रहा है। अमेरिका व अन्य देशों से एक हजार से अधिक युवा डिपोर्ट होकर आ चुके हैं। डंकी रूट से विदेश जाकर असमय मौत का शिकार भी युवा हो रहे हैं। राज्य के यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल आदि जिलों में डंकी रूट से विदेश जाने तथा विदेशों में असमय मौत का शिकार होने के सर्वाधिक मामले सामने आ चुके हैं।

हरियाणा के युवा बिना किसी ठोस प्रशिक्षण के विदेशों में जा रहे हैं। वहां जाकर उन्हें भाषा की दिक्कत आती है। इसके अलावा विदेशों के बारे में ज्ञान नहीं होने के कारण उन्हें निम्न स्तर के काम ही मिलते हैं। बहुत जल्द हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से विदेशी भाषा प्रशिक्षण योजना शुरू की जाएगी। इसमें तीन लाख रुपये सालाना आमदनी वाले परिवारों के बच्चों को विदेशी भाषा प्रशिक्षण एवं अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

अब सरकार ने डंकी रूट पर लगाम लगाने के लिए कई योजनाओं को शुरू करने का फैसला किया है। वैध रूट से विदेश जाकर असमय मौत का शिकार होने वाले युवाओं के आश्रितों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

इसके लिए कल्याण कोष का गठन किया जाएगा। इस योजना के लिए नियम व शर्तों को ड्राफ्ट करने का काम शुरू हो चुका है।

युवाओं को विदेश जाने से पहले संबंधित देश के संबंध में पूरा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके लिए विदेश मंत्रालय के सहयोग से प्री-डिपार्चर ओरियंटेशन ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। हरियाणा सरकार की तरफ से पिछले वर्ष के दौरान इजराइल व दुबई में 388 युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। इस समय दोनों देशों का माहौल ठीक नहीं है। जिसके चलते सरकार ने फिलहाल दोनों देशों को अपनी प्राथमिकता सूची से बाहर कर दिया है। वर्ष 2026-2027 में ओमान, कुवैत, जर्मनी और स्पेन में हरियाणा के युवाओं को रोजगार दिलवाया जाएगा। इसके लिए विदेश सहयोग विभाग की तरफ से उक्त देशों के साथ तालमेल किया जा रहा है।

वर्ष 2020 में गठित विदेश सहयोग विभाग विदेशी निवेश को आकर्षित करने, दूसरे देशों के साथ तालमेल बनाने तथा डंकी रूट जैसी समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रहा है। पिछले वर्ष इसका बजट 6.23 करोड़ था जिसे इस बार बढ़ाकर 10.43 करोड़ कर दिया गया है। प्रदेश के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर फोकस रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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