गुरुग्राम: लाखों प्रवासी भारतीयों का यूके के विकास में अहम योगदान: नायब सिंह सैनी
-हरियाणा-यूके सीईटीए ट्रेड ब्रिज-अनलॉकिंग ग्लोबल अपॉच्र्युनिटीज फॉर हरियाणा कार्यक्रम में कही यह बात
-विदेशी मेहमानों को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया
गुरुग्राम, 14 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत-यूके सीईटीए हरियाणा के लिए वैश्विक व्यापार के नए अवसर खोलने वाला महत्वपूर्ण समझौता है। इससे राज्य के टेक्सटाइल, फुटवियर, रत्न एवं आभूषण और इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को यूके के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। यह समझौता हरियाणा के युवाओं, किसानों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों और नई तकनीकों से जोडक़र विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में हरियाणा-यूके सीईटीए ट्रेड ब्रिज-अनलॉकिंग ग्लोबल अपॉच्र्युनिटीज फॉर हरियाणा कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त (चंडीगढ़) अल्बा स्मेरिग्लियो समेत अनेक लोग मौजूद रहे। यह कार्यक्रम यूके हाई कमीशन के सहयोग से किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के मात्र दो प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में होने के बावजूद हरियाणा देश की सबसे गतिशील अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है। मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोटिव सेक्टर से लेकर टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और कृषि तक राज्य ने नए आयाम स्थापित किए हैं। गुरुग्राम आज भारत के प्रमुख व्यावसायिक, तकनीकी और वैश्विक सेवा केंद्रों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक सप्लाई चेन के पुनर्गठन को ध्यान में रखते हुए हरियाणा ने गो ग्लोबल का दूरदर्शी विजन अपनाया है। भारत-यूके सीईटीए इस दिशा में एक मील का पत्थर है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणवी परिवारों सहित लाखों प्रवासी भारतीयों ने यूके के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, वहीं ब्रिटिश संस्थानों ने भी हरियाणा की विकास यात्रा में विश्वसनीय साझेदार की भूमिका निभाई है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय गंतव्य बन चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी ऐतिहासिक पड़ाव पर अगले वर्ष पांच से सात अप्रैल, 2027 तक हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के प्रचार-प्रसार के लिए प्रमुख शहरों और जापान, दक्षिण कोरिया, दावोस, जर्मनी, यूके, ब्राजील, चिली और दुबई जैसे विश्व के नौ प्रमुख आर्थिक केंद्रों में रोड शो आयोजित किए जाएंगे।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, डेटा सेंटर, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रीबिजनेस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे भविष्य के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने हाल ही में 10 क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां लागू की हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक पांच लाख करोड़ रुपये का नया निवेश आकर्षित करना और 10 लाख से अधिक रोजगार सृजित करना है। इन नीतियों के शुरूआत के पहले ही दिन 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के 110 एमओयू हुए, जिनमें 24 हजार 350 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने एमएसएमई और निर्यात क्षेत्र के लिए 60 परिवर्तनकारी पहल की हैं। फरवरी 2019 में पहली एमएसएमई नीति लागू किए जाने के बाद राज्य में 15 लाख से अधिक एमएसएमई का औपचारिक पंजीकरण हुआ है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

