गुरुग्राम: फायर कर्मियों की हड़ताल के बीच रोडवेज ड्राइवर बने हैं मददगार

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गुरुग्राम: फायर कर्मियों की हड़ताल के बीच रोडवेज ड्राइवर बने हैं मददगार


-अपनी मांगों को लेकर 27 दिन से हड़ताल पर हैं फायर कर्मचारी

गुरुग्राम, 04 मई (हि.स.)। गर्मी की दस्तक के साथ ही आगजनी की घटनाओं में एकाएक वृद्धि हो गई है। ऊपर से फायर कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आगजनी की घटनाओं पर सहज और जल्द काबू पाना भी दूसरे कर्मचारियों के लिए चुनौती बन गया है। फायर कर्मचारी 27 दिन से हड़ताल पर बैठे हैं। वैकल्पिक तौर पर फायर विभाग ने रोडवेज से ड्राइवर लिए हैं। वह पानी से भरी गाडिय़ों को हादसा स्थल तक ले जाते हैं और आग बुझाते हैं। इन्हीं के साथ सिविल डिफेंस के वॉलंटियर भी जुटे रहते हैं।

छह अप्रैल से चार मई 2026 के बीच जिला में आगजनी की 17 घटनाएं हुई हैं। एकाध घटना को छोड़ दें तो सभी घटनाएं बड़ी थीं, जिनमें आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। फायर विभाग के कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हैं। वे बिना मांग पूरी हुए हड़ताल खत्म नहीं करना चाहते। ऐसे में हड़ताल और लंबी खिंचती चली जा रही है। जब से हड़ताल हुई है, तब से आगजनी की घटनाएं काफी हो रही हैं। आग बुझाने के लिए गुरुग्राम से लेकर नोएडा तक से दमकल विभाग की गाडिय़ों को बुलाया गया। आमतौर पर बड़ी आगजनी की घटना में बाहरी केंद्र से गाडिय़ां बुलाई जाती हैं। गगनचुंबी इमारतों के शहर के साथ-साथ उद्योग का बड़ा क्षेत्र होने से यहां पर हादसे भी ज्यादा हो रहे हैं। अप्रैल 2026 की बात करें तो एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक आगजनी की 17 घटनाएं हो चुकी हैं। 19 अप्रैल को एक ही दिन में चार स्थानों पर भीषण आगजनी हुई, जिससे फायर विभाग की गाडिय़ां एक के बाद एक दौड़ती ही रही।

आगजनी की घटनाओं और फायर कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स को सभी फायर स्टेशनों से जोड़ा गया। पुलिस के कर्मचारी भी सहायता के लिए फायर स्टेशनों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन मोहित शर्मा के मुताबिक, गर्मी में आग की घटनाएं तो बढ़ रही हैं, लेकिन उन पर काबू पाने के लिए लगाए गए कर्मचारी और सिविल डिफेंस की टीम युद्ध स्तर पर काम करती हैं। दूसरी तरफ, हड़ताली फायर कर्मचारियों का कहना है कि रोडवेज विभाग से ड्राइवर फायर विभाग में लिए गए हैं, वे गाडिय़ां तो चला सकते हैं, लेकिन आग बुझाने का उन्हें कोई प्रशिक्षण नहीं है, इसलिए आग बुझाने के दौरान उनकी जान को अधिक खतरा पैदा हो जाता है। फायर अधिकारी सुनील कुमार ने सोमवार को बताया कि दमकल विभाग की गाडिय़ां चलाने के लिए रोडवेज से ड्राइवर लिए गए हैं। कुछ पुलिस के जवान हैं। दमकल विभाग में जो स्टाफ सदस्य हैं, उनको भी काम में लगाया गया है। हड़ताल के चलते स्टाफ को 24-24 घंटे काम करना पड़ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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