गुरुग्राम: पुलिस ने दिल्ली बॉर्डर पर रोका तो पैदल ही रैली में चल दिए कांग्रेसी
-सेक्टर-29 लेजरवैली मैदान से रवाना हुई थीं बसें, गाडिय़ां
-पूर्व सांसद राज बब्बर, पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक भी रहे मौजूद
-पुलिस ने बसों को गुडग़ांव-दिल्ली बॉर्डर पर रोक दिया
-काफी संख्या में कार्यकर्ता पैदल ही दिल्ली की तरफ झंडे लेकर चले दिए
गुरुग्राम, 01 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को हुई लोकतंत्र बचाओ रैली में गुडग़ांव से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता, आमजन पहुंचे। जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर, जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) वर्धन यादव के नेतृत्व में जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गुडग़ांव-दिल्ली बॉर्डर पर रोका, लेकिन वे वाहनों को छोडक़र पैदल ही दिल्ली की ओर चल दिए। शहर के सेक्टर-29 स्थित लेजरवैली मैदान से पूर्व सांसद राज बब्बर व पूर्व सांसद एवं रैली के गुडग़ांव प्रभारी धर्मपाल मलिक भी रवानगी के दौरान मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गुडग़ांव-दिल्ली बॉर्डर पर उनके काफिले को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ताओं के जोश के आगे पुलिस को हटना पड़ा और सभी कार्यकर्ता रैली स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने काफी बसों को बॉर्डर पर ही रोक दिया। काफी कार्यकर्ता हाथों में झंडे लिए पैदल मार्च करते हुए दिल्ली की तरफ बढ़ते गए। कुछ समय बाद गाडिय़ां निकलकर आई तो वे गाडिय़ों में सवार हुए। जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने कहा कि तानाशाही सरकार डर गई है। कार्यकर्ताओं को रैली में जाने से रोका सरकार की बौखलाहट का सबसे बड़ा सबूत है। उन्होंने कहा कि जब सब सेक्टर-29 लेजरवैली मैदान से शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली के लिए निकले तो गुडग़ांव-दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस ने रोक लिया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ झड़प भी की, लेकिन मजबूत इरादों के साथ हिम्मत दिखाई और आगे बढ़ते गए। उन्होंने पूर्व सांसद राज बब्बर और धर्मपाल मलिक का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने सब कार्यकर्ताओं का हौंसला बढ़ाया है। जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) वर्धन यादव ने कहा कि सुबह जब हम निकले तो किसी ने नहीं सोचा था कि पुलिस हमें इस तरह रोकेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस लगाकर कांग्रेस के कार्यकर्ता को रोक लोगे, लेकिन जनता के दिल में जो आक्रोश है, महंगाई, बेरोजगारी और इस तानाशाही के खिलाफ जो गुस्सा है, उसे कैसे रोकोगे।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

