गुरुग्राम: भ्रष्टाचार में सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता समेत दो को चार साल की कैद
इस मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर को भी दिया गया दोषी करार
गुरुग्राम, 05 मार्च (हि.स.)। करीब चार साल पहले भ्रष्टाचार केस में सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता (ईई) व कंप्यूटर ऑपरेटर को अदालत ने चार-साल साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। गुरुवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने गुरुवार काे दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने हरियाणा इंजीनियरिंग वक्र्स पोर्टल (एचईडब्ल्यूपी) के तहत ठेकेदारी लाइसेंस के पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। इस काम को गति देने के लिए कार्यकारी अभियंता नवीन कुमार यादव ने उनसे पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता द्वारा इस बारे में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत की गई। वहां से आरोपी को काबू करने के लिए टीम गठित की गई। एसीबी की टीम ने आरोपी कार्यकारी अभियंता नवीन कुमार यादव व कंप्यूटर ऑपरेटर चंद्र शेखर को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।
16 दिसंबर 2022 को एसीबी ने इस मामले में केस दर्ज किया था। ब्यूरो की टीम ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच पूरी की और कोर्ट में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया। अदालत ने कार्यकारी अभियंता नवीन कुमार यादव और हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कंप्यूटर ऑपरेटर चंद्र शेखर को रिश्वत के इस मामले में दोषी ठहराया। दोनों को चार-चार साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

