गुरुग्राम: नए बिजली कनेक्शनों के लिए बिजली निगम ही उपलब्ध कराएगा केबल
-डीएचबीवीएन के एमडी अमित खत्री ने दी जानकारी
-निगम ने सभी ऑपरेशन कार्यालय को केबल कर दी आवंटित
-कोई बिजली कर्मी उपभोक्ता से केबल लाने को कहे तो करें शिकायत
गुरुग्राम, 14 अक्टूबर (हि.स.)। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम अपने उपभोक्ताओं को स्वयं सर्विस कनेक्शन केबल उपलब्ध करवाएगा। अब से पहले उपभोक्ताओं को केबल बाजार से खरीदकर लानी पड़ती थी। डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक अमित खत्री ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के पास एक (सिंगल) फेस के नए कनेक्शन जारी करने के लिए पीवीसी केबल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। निगम ने सभी ऑपरेशन उपमंडल कार्यालय में उसका अग्रिम आवंटन कर दिया है। अब से यदि आवंटन के बावजूद उपभोक्ताओं से पीवीसी केबल मांगने की कोई शिकायत सामने आती है तो इसे बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। दोषी अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संदर्भ में सभी संबंधितों को सख्त और सावधानीपूर्वक अनुपालन के लिए उचित निर्देश दिए गए हैं। एमडी अमित खत्री ने कहा कि बिजली निगम के स्टोर में पर्याप्त केबल उपलब्ध है। नए कनेक्शन को ध्यान में रखते हुए सभी ऑपरेशन उपमंडल के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सिंगल फेस के नए कनेक्शन जारी करने के लिए निगम के पास उपलब्ध एलटी पीवीसी केबल का ही उपयोग करें। इस संबंध में संबंधित उपभोक्ताओं से फीडबैक लें और यह सुनिश्चित करें कि आवेदक से फील्ड स्टाफ द्वारा किसी पीवीसी की मांग नहीं की जा रही है। उपभोक्ता को शीघ्र ही नया बिजली कनेक्शन जारी करें। इसके अलावा, फील्ड कार्यालयों की सुविधा के लिए उनके मासिक उपभोग के आधार पर सिंगल फेस कनेक्शन जारी करने के लिए पंद्रह दिनों की औसत आवश्यकता के बराबर पीवीसी केबलों को अग्रिम रूप से आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। उपयोग की गई मात्रा के विरुद्ध फिर से पूर्ति संबंधित उपमंडल से उपयोग प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद कर दी जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार/ईश्वरफोटो नंबर-01 व 02: गुरुग्राम के जैकबपुरा स्थित श्री दुर्गा रामलीला में नारद मोह की लीला का दृश्य।
नारद मोह की लीला से शुरू हुई रामलीला
-महंत रवि पुरी जी महाराज के आशीर्वाद के साथ शुरू हुई श्री दुर्गा रामलीला
गुरुग्राम। जैकबपुरा स्थित श्रीदुर्गा रामलीला की भव्य शुरुआत शुक्रवार से कर दी गई। बाबा प्रकाश पुरी जी महाराज के परम शिष्य रवि पुरी जी महाराज, गोपाल दास बत्रा, पवन सचदेव, यश अरोड़ा ने विधि-विधान से पूजा करके रामलीला का श्रीगणेश किया। इसके बाद कलाकारों ने लीला का मंचन किया। इस अवसर पर कमेटी के चेयरमैन बनवारी लाल सैनी, प्रधान कपिल सलूजा, महासचिव अशोक प्रजापति और कोषाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
मीडिया प्रभारी राजकुमार सैनी ने बताया कि जो दर्शक ग्राउंड में नहीं आ पाए, उनको फेसबुक के माध्यम से लाइव और इंस्टाग्राम सोशल मीडिया पर सीधा प्रसारण किया जा रहा है। रामलीला की शुरुआत नारद जी के तप से शुरू हुई। नारायण-नारायण के जाप के साथ नारद जी भजनों के माध्यम से हिमालय पर्वत पर से जा रहे थे। हिमालय पर्वत में एक बड़ी पवित्र गुफा थी। वह परम पवित्र गुफा नारद जी को अत्यन्त सुहावनी लगी। वहां पर के पर्वत, नदी और वन को देख कर वे वहीं बैठकर तपस्या में लीन हो गये। नारद मुनि की इस तपस्या से देवराज इन्द्र भयभीत हो उठे कि कहीं देवर्षि नारद अपने तप के बल से इन्द्रपुरी को अपने अधिकार में न ले लें।
आगे की लीला में दिखाया गया कि इन्द्र ने नारद की तपस्या भंग करने के लिये कामदेव को उनके पास भेज दिया। वहां पहुंच कर कामदेव ने अपनी माया से वसन्त ऋतु को उत्पन्न कर दिया। रम्भा आदि नवयुवती अप्सराएं नृत्य व गान करने लगीं। कामदेव की किसी भी कला का नारद मुनि पर कुछ भी प्रभाव नहीं पड़ा। तब कामदेव को भय सताने लगा कि कहीं देवर्षि मुझे श्राप न दे दें। हारकर वे देवर्षि के चरणों में गिर कर क्षमा मांगने लगे। नारद मुनि को थोड़ा भी क्रोध नहीं आया और उन्होंने कामदेव को क्षमा कर दिया। कामदेव वापस अपने लोक में चले गये। कामदेव के चले जाने पर नारद मुनि के मन में अहंकार हो गया कि हमने कामदेव को जीत लिया।
भगवान हरि ने कहा, हे नारद! हम वही करेंगे जिससे तुम्हारा परम हित होगा। तुम्हारा हित करने के लिये हम तुम्हें हरि-हरि शब्द का एक अर्थ बन्दर भी होता है का रूप देते हैं। यह कह कर प्रभु अन्तर्धान हो गये साथ ही उन्होंने नारद जी बन्दर जैसा मुंह और भयंकर शरीर दे दिया। नारद जी ने जल में अपना मुंह देता तो खुद की कुरुपता देखकर और क्रोधित हो गए। उन्होंने शिवजी के उन गणों को राक्षस हो जाने का श्राप दे दिया। नारद जी ने उनसे कहा कि में तुम्हें श्राप देता हूं कि तुम मनुष्य के रूप में जन्म लोगो। तुमने हमें स्त्री वियोग दिया, इसलिए तुम्हें भी स्त्री वियोग सहकर दुखी होना पड़ेगा। हमें बंदर का रूप दिया है, इसलिए बंदर ही तुम्हारी सहायता करेंगें। यानी उनका सहारा लेना पड़ेगा।
अगले दृश्य में रावण के जन्म के साथ साथ तीनों भाई रावण, विभीषण एव कुंभकर्ण द्वारा भगवान शंकर की तपस्या पूरी की और अंत में भगवान शंकर ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिए। जिसमें रावण ने भगवान शिव से अमरता (सदा अमर रहने का वर) मांगा और उसे अमरता का दिव्य अमृत दिया विभीषण को श्री हरि भक्ति और कुंभकर्ण ने निन्द्राशन का वरदान प्राप्त हुआ। अगले दृश्य में रावण पुत्र मेघनाथ ने सम्पूर्ण देव लोक को काल सहित अपना बंदी बनाया।
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फोटो नंबर-03: गुरुग्राम में मेरी माटी मेरा देश अमृत कलश यात्रा के तहत कार्यक्रम पेश करते कलााकर एमडी व सुभाष फौजी।
देशी रॉक स्टार एमडी व सुभाष फौजी ने जगाई देशभक्ति की अलख
-मेरी माटी मेरा देश-अमृत कलश यात्रा के तहत नगर निगम गुरुग्राम ने किया मेगा कल्चरल इवेंट
गुरुग्राम। हरियाणा के प्रसिद्ध देशी रॉक स्टार एमडी व सुभाष फौजी ने अपने सुरों से गुरुग्राम में देशभक्ति की अलख जगाई। मौका था मेरी माटी मेरा देश-अमृत कलश यात्रा के तहत नगर निगम गुरुग्राम द्वारा आयोजित मेगा कल्चरल इवेंट का। कार्यक्रम में देशभक्ति व हरियाणवी गीतों पर सभी श्रोतागण जमकर थिरके।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर देशभर में चल रहे मेरी माटी मेरा देश अभियान के दूसरे चरण के तहत पूरेे देश में अमृत कलश यात्रा निकाली जा रही है। नगर निगम द्वारा 1 अक्टॅबर से 13 अक्टूबर तक निगम क्षेत्र के 37 स्थानों पर अमृत कलश यात्रा निकाली गई। 25 अक्टूबर को रोहतक में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में नगर निगम गुरुग्राम की तरफ से अमृत कलश भेजा जाएगा। बाद में नई दिल्ली के कत्र्तव्य पथ पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में यह कलश शामिल होगा। यहां पर एक अमृत वाटिका विकसित की जा रही है, जिसमें पूरे देश से आए अमृत कलश की मिट्टी डाली जाएगी। इसी कड़ी में सेक्टर-29 स्थित रंगभूमि ओपन एयर थिएटर में गुरुग्राम व आसपास के क्षेत्रों से लोग मेगा कल्चरल इवेंट में शामिल हुए। यहां पर प्रसिद्ध देशी रॉक स्टार एमडी तथा सुभाष फौजी ने अपने गीतों से पूरे क्षेत्र को हरियाणवी संस्कृति से सरोबार कर दिया। सुरों का आलम यह था कि श्रोतागण स्टेज पर चढ़ गए तथा जमकर थिरके। इस मौके पर गुरुग्राम के एसडीएम रविन्द्र यादव, नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त विजय यादव तथा सेवानिवृत एयर वाईस मार्शल राकेश कुमार खत्री, भाजपा नेता महेन्द्र यादव, हरियाणवी फिल्म आठवां वचन के निर्माता रामनिवास शर्मा, शिक्षाविद अर्जुन वशिष्ठ सहित कई गणमान्य व्यक्ति व आरडल्यूए के पदाधिकारियों ने शिरकत की।
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फोटो नंबर-04: डीएचबीवीएन के एमडी अमित खत्री।
नए बिजली कनेक्शनों के लिए बिजली निगम स्वयं देगा केबल: अमित खत्री
-निगम ने सभी ऑपरेशन कार्यालय को केबल कर दी आवंटित
गुरुग्राम। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम अपने उपभोक्ताओं को स्वयं सर्विस कनेक्शन केबल उपलब्ध करवाएगा। अब से पहले उपभोक्ताओं को केबल बाजार से खरीदकर लानी पड़ती थी। डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक अमित खत्री ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के पास एक (सिंगल) फेस के नए कनेक्शन जारी करने के लिए पीवीसी केबल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। निगम ने सभी ऑपरेशन उपमंडल कार्यालय में उसका अग्रिम आवंटन कर दिया है। अब से यदि आवंटन के बावजूद उपभोक्ताओं से पीवीसी केबल मांगने की कोई शिकायत सामने आती है तो इसे बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। दोषी अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संदर्भ में सभी संबंधितों को सख्त और सावधानीपूर्वक अनुपालन के लिए उचित निर्देश दिए गए हैं। एमडी अमित खत्री ने कहा कि बिजली निगम के स्टोर में पर्याप्त केबल उपलब्ध है। नए कनेक्शन को ध्यान में रखते हुए सभी ऑपरेशन उपमंडल के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सिंगल फेस के नए कनेक्शन जारी करने के लिए निगम के पास उपलब्ध एलटी पीवीसी केबल का ही उपयोग करें। इस संबंध में संबंधित उपभोक्ताओं से फीडबैक लें और यह सुनिश्चित करें कि आवेदक से फील्ड स्टाफ द्वारा किसी पीवीसी की मांग नहीं की जा रही है। उपभोक्ता को शीघ्र ही नया बिजली कनेक्शन जारी करें। इसके अलावा, फील्ड कार्यालयों की सुविधा के लिए उनके मासिक उपभोग के आधार पर सिंगल फेस कनेक्शन जारी करने के लिए पंद्रह दिनों की औसत आवश्यकता के बराबर पीवीसी केबलों को अग्रिम रूप से आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। उपयोग की गई मात्रा के विरुद्ध फिर से पूर्ति संबंधित उपमंडल से उपयोग प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद कर दी जाएगी।
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फोटो नंबर-05: गुरुग्राम-दिल्ली सीमा पर धनचिरी कैंप में अमृत कलश यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था का जायजा लेेते अधिकारी।
28 से 30 अक्टूबर तक जिला में रहेगा अमृत कलश यात्रियों का जमघट
-केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों ने गुरुग्राम प्रशासन के साथ की बैठक
-31 अक्टूबर तक दिल्ली जाने के लिए गुरुग्राम से चलेंगी विशेष मेट्रो ट्रेनें
गुरुग्राम। आजादी के अमृत काल में एक भारत-श्रेष्ठ भारत के ध्येय के साथ शुरू की गई अमृत कलश यात्रा के अंतिम चरण में देश के प्रत्येक गांव व कस्बों से एकत्रित की गई मिट्टी को दिल्ली ले जाया जाएगा। जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के महान वीरों के सम्मान में 31 अक्टूबर को इन अमृत कलशों की मिट्टी दिल्ली में बनी अमृत वाटिका में रखेंगे।
इस यात्रा में देशभर के विभिन्न राज्यों से अमृत कलश यात्री 28 अक्टूबर से ही दिल्ली पहुंचना शुरू करेंगे। यात्रा के दौरान किसी यात्री को असुविधा का सामान ना करना पड़े, इसके लिए गुरुग्राम-दिल्ली सरहौल बॉर्डर स्थित धनचिरी कैम्प में 28 से 31 अक्टूबर तक करीब 12 हजार यात्रियों के ठहरने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव उमा नंदूरी ने यह जानकारी शनिवार को डीसी निशांत कुमार की अध्यक्षता में जिला प्रशासन गुरुग्राम के साथ बैठक के दौरान दी। धनचिरी कैम्प में आयोजित इस बैठक में संस्कृति मंत्रालय से आजादी के अमृत महोत्सव अभियान के निदेशक राजीव कुमार, मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी पी. कुमार व डीसीपी हेडक्वार्टर दीपक गहलावत भी मौजूद रहे। बैठक में उमा नंदूरी ने बताया कि गुरुग्राम विभिन्न राज्यों के लिए दिल्ली में प्रवेश का प्रमुख मार्ग है। इसलिए अमृत कलश यात्रियों के ठहराव के लिए धनचारी कैम्प का चयन किया गया है।
उन्होंने बताया कि देश के अलग अलग मार्गो से करीब 200 बसों में 12 हजार यात्री 28 अक्टूबर से गुरुग्राम पहुंचना शुरू होंगे। कैम्प में यात्रियों के रजिस्ट्रेशन के लिए डेस्क की सुविधा दी जाएगी। वहीं अमृत कलश के कलेक्शन के लिए भी अलग जोन बनाया गया। उन्होंने बताया कि यात्रियों के ठहराव के लिए धनचारी कैम्प में कुल 12 हैंगर बनाये जा रहे हैं। जिसमें 10 हेंगर पुरूष यात्रियों व 2 हैंगर महिला यात्रियों के लिए होंगे। प्रत्येक हैंगर में करीब एक हजार यात्रियों की ठहरने की व्यवस्था रहेगी। कैम्प में मिनी भारत जोन का भी एक पंडाल होगा, जिसमें देश के गौरव व संस्कृति से जुड़े सेल्फी पॉइंट भी विकसित किये जायेंगे। यह व्यवस्था तीन दिन रहेगी, ऐसे में कैम्प में शाम के समय यात्रियों के लिए देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
31 अक्टूबर को दिल्ली में यात्रियों के आवगमन की सुगम व्यवस्था के लिए गुरुग्राम से विशेष मेट्रो ट्रेन भी चलाई जाएंगी, जो गुरुग्राम के निर्धारित मेट्रो स्टेशन से उन्हें आयोजन स्थल तक लेकर जाएंगी। डीसी निशांत कुमार यादव ने संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों से आयोजन की विस्तृत जानकारी लेने उपरांत जिला प्रशासन के विभागों की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि गुरुग्राम के लिए यह गौरवांवित करने वाले पल होंगे कि देश की मिट्टी से जुड़े इस अभियान में गुरुग्राम एक विशेष सहयोगी की भूमिका में है। डीसी ने आयोजन की सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग से यात्रियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त सुरक्षा बल को तैनाती के निर्देश दिए।
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स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के तहत मनोनीत किए गए स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर
गुरुग्राम। भारत सरकार के शहरी एवं आवास मंत्रालय द्वारा प्रत्येक वर्ष आयोजित किए जाने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण के मापदंडों के तहत प्रत्येक प्रतिभागी शहर को अपने यहां के गीत-संगीत, कला-संस्कृति व फिल्म-थिएटर से जुड़ी विभूतियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विद्यार्थियों को स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर बनाया जाता है।
इसी कड़ी में नगर निगम गुरुग्राम द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के तहत ब्रांड एंबेसडर मनोनीत किए गएहैं। इनमें प्रसिद्ध हरियाणवी देशी रॉक स्टार मन्नू दवन उर्फ एमडी देशी रॉकस्टार, यंगेस्ट माउंटेनियर हेयांश कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता राज सैनी, सामाजिक कार्यकर्ता कुलदीप हिन्दुस्तानी, शिक्षाविद् अर्जुन वशिष्ठ, सामाजिक कार्यकर्ता सारिका खरगवाल, कोमल चौधरी व आयुष जैन शामिल हैं। इसी प्रकार विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों को भी स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर मनोनीत किया गया है, जिनमें यशिका रोहिल्ला, देवयानी शर्मा, कुंजन, कुमाक्षी, नव्या जांगड़ा, राशि रोहिल्ला, विहान जोशी, दीपिका तथा कोमल के नाम शामिल हैं। नगर निगम गुुरुग्राम द्वारा रंगभूमि ओपन एयर थिएटर में आयोजित किए गए कार्यक्रम में इन ब्रांड एंबेसडर को मनोनीत किया गया।
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1008 सुंदर कांड पाठ का आज से शुभारंभ
-भगवान परशुराम वाटिका में सुबह दस बजे पाठ का शुभारंभ
गुरुग्राम। पहली बार गुरुग्राम की पावन धरा एक अनोखे धर्मिक अनुष्ठान की गवाह बनने जा रही है। इसका आयोजन हरियाणा भाजपा के उपाध्यक्ष एवं डेयरी सहकारी विकास प्रसंघ के पूर्व चेयरमैन जीएल शर्मा व उनकी टीम की ओर से आयोजित किया जा रहा है।
आयोजकों की ओर से सुंदर कांड के 1008 पाठ कराने का संकल्प लिया गया। जिसका शुभारंभ रविवार से विधिवत होगा। सुंदरकांड का पहला पाठ पटौदी चौक के नजदीक भगवान परशुराम वाटिका में भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। पाठ के बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की भी व्यवस्था टीम की ओर से की गई है। मां दुर्गा के पहले नवरात्र से शुरू होने वाले सुंदरकांड पाठ के आयोजन का सिलसिला लगभग एक साल तक चलेगा। इस बीच टीम की ओर से पहले पाठ के आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। आयोजन में जिले भर के कोने-कोने से सैकड़ो सरदारों और राम भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। टीम ने राम भक्तों के आगमन को देखते हुए तैयारी और बेहतरीन व्यवस्थाएं की है। आयोजन में विभिन्न समाज की सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ जिले भर की धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थाएं भी अपनी भागीदारी करेंगी। टीम जीएल शर्मा के सदस्य महेश वशिष्ठ, सुमित शर्मा, प्रतीक शर्मा, प्रवीण खटाना एवं अन्य ने पटौदी चौक स्थित भगवान परशुराम वाटिका पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। जीएल शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म में सुंदरकांड पाठ का विशेष महत्व है। सुंदरकांड पाठ में भगवान हनुमान के बारे में विस्तार से बताया गया है। तुलसीदास द्वारा रचित सुंदरकांड सबसे ज्यादा लोकप्रिय और महत्वपूर्ण माना गया है।
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