गुरुग्राम: निवेशकों की जरूरत के अनुरूप कुशल युवा तैयार कर रहा हरियाणा: नायब सिंह सैनी
हरियाणा में प्रतिभा की कमी नहीं, युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी स्किल गैप रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में किया हरियाणा स्टेट एवं 23 जिला की स्किल गैप स्टडी रिपोर्टों का विमोचन
बदलती तकनीक के साथ कौशल विकास की गति बनाए रखना जरूरी
गुरुग्राम, 01 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि हरियाणा में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल इस प्रतिभा को सही दिशा देने की है। आज जारी की गई हरियाणा स्टेट स्किल गैप स्टडी तथा प्रत्येक जिले की स्किल गैप स्टडी रिपोर्ट इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के केंद्र में प्रदेश के युवाओं का भविष्य है और इसमें उद्योगों की जरूरत, प्रत्येक जिले की प्रतिभा एवं क्षमता तथा युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर देने का आकलन किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं के टैलेंट, साहस, परिश्रम और मेहनत ने प्रदेश की पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत किया है। ऐसे में यह रिपोर्ट युवाओं की प्रतिभा को सही दिशा देने और उन्हें उद्योग की जरूरत के अनुरूप कौशल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह बात उन्होंने गुरुवार को सेक्टर 51 स्थित गुरुग्राम विश्वविद्यालय में हरियाणा राज्य कौशल अंतराल अध्ययन तथा 23 जिला कौशल अंतराल रिपोर्टों के विमोचन कार्यक्रम में कही।
कार्यक्रम में हरियाणा के
युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता मंत्री गौरव गौतम बतौर विशिष्ठ अतिथि, सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ फिस्कल मैनेजमेंट के महानिदेशक डॉ राज नेहरू मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज देश-दुनिया के निवेशक हरियाणा में निवेश के लिए इच्छुक हैं और प्रदेश में लगातार नई-नई इंडस्ट्री स्थापित हो रही हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि निवेशकों और उद्योगों की बदलती जरूरत के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को कुशल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुद्रा योजना, स्किल डेवलपमेंट और मेक इन इंडिया जैसे प्रयासों को गति दी है, वहीं हरियाणा ने भी औद्योगिकीकरण की दिशा में तेजी से प्रगति की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, एआई, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और ईवी जैसे क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहा है, इसलिए युवाओं को नई तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित करना जरूरी है। इसी दिशा में आईटीआई और पॉलिटेक्निक को उद्योगों से जोड़कर उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण, थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक को शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्किल गैप स्टडी रिपोर्ट उद्योगों की जरूरत और युवाओं के कौशल के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करेगी, जिससे निवेशकों को आवश्यक कुशल मानव संसाधन और प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
उद्योगों की स्किल जरूरतों को आईटीआई-पॉलिटेक्निक से जोड़ने के लिए बनेगा पोर्टल
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला-वार स्किल गैप रिपोर्ट हर जिले की औद्योगिक क्षमता और रोजगार संभावनाओं के अनुरूप युवाओं के लिए उपयुक्त कौशल विषयों की योजना बनाने में सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट का अध्ययन आईटीआई, पॉलिटेक्निकल संस्थानों और उद्योगों के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ मिलकर किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि एक ऐसा पोर्टल बनाया जाए, जिस पर प्रत्येक उद्योग को किस प्रकार के और कितने कुशल युवाओं की आवश्यकता है, इसकी जानकारी उपलब्ध हो तथा इस पोर्टल को सभी आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों के साथ लिंक किया जाए। इससे नई-नई इंडस्ट्री की मांग का पता चलेगा और उसी के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय बहुत तेजी से बदल रहा है और उसी गति से कौशल विकास के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम और पंचकूला में एआई हब बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है तथा नई तकनीक के अनुरूप युवाओं को तैयार करना जरूरी है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

