गुरुग्राम के राठीवास में हो रहा था बाल विवाह, प्रशासन ने रुकवाया

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-डीसी बोले, बाल विवाह की रोकथाम के लिए लगातार जारी रहेगा अभियान

गुरुग्राम, 08 जनवरी (हि.स.)। गांव राठीवास में बाल विवाह होने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन की टीम ने गुरुवार को एक बाल विवाह को रुकवाने में सफलता हासिल की। बाल विवाह पर रोकथाम के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार गांव में 23 जनवरी को एक बाल विवाह की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर जाकर जांच की। पता चला कि जिस लडक़ी की शादी तय की गई है उसकी उम्र 17 साल है। यह पुष्टि होने के बाद इस विवाह को रुकवा दिया गया है। विवाह अधिनियम के अनुसार शादी के लिए लडक़ी की आयु कम से कम 18 साल होनी आवश्यक है। संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन की संयुक्त विभागीय टीम ने बाल विवाह रूकवाने में सफलता हासिल की।

डीसी अजय कुमार ने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अन्तर्गत कानूनी अपराध है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 वर्ष से कम आयु की लडक़ी व 21 वर्ष से कम आयु के लडक़े को नाबालिग माना जाता है। यदि कम आयु में विवाह किया जाता है तो यह संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है, ऐसा कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है या उसकी सहायता करता है तो दो साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। डीसी ने आमजन से आह्वान किया कि 18 वर्ष से कम आयु की लडक़ी व 21 वर्ष से कम आयु के लडक़े की बाल विवाह से सम्बन्धित कोई भी सूचना प्राप्त होती है तो वे बाल विवाह निषेध अधिकारी, पुलिस हेल्पलाइन 112, मैजिस्ट्रेट या चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098 पर सम्पर्क कर सूचना दे सकते है, ताकि समय पर हस्तक्षेप करके नाबालिग के विवाह को रुकवाया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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