गुरुग्राम में भूपेंद्र हुड्डा का दावा,हर परिवार पर एक लाख 82 हजार का है कर्ज
-भ्रष्टाचार में छठे नंबर पर पहुंच गया है हरियाणा
-पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एसआईआर को लेकर ली कांग्रेसियों की बैठक
गुरुग्राम, 23 जून (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर चुनाव में धांधली कर रही हैं। ये धांधली हरियाणा के नतीजे से स्पष्ट हो चुकी है और एसआईआर के जरिए वोटर लिस्ट को मैनिपुलेट करने का सच पश्चिम बंगाल चुनाव से उजागर हो चुका है। हुड्डा ने याद दिलाया कि किस तरह हरियाणा में वोटिंग के बाद लगातार तीन दिनों तक वोट परसेंटेज के आंकड़े बढ़ते चले गए। यह अप्रत्याशित था कि वोटिंग पूरी होने के इतने घंटे बाद भी वोट अपने आप बढ़ते जा रहे थे।
वे मंगलवार को गुरुग्राम में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे। बैठक में कार्यकर्ताओं को एसआईआर को लेकर ट्रेनिंग दी गई कि किस तरह वोट्स बनवाने हैं और किस तरह फर्जी वोटों को कटवाना है। कांग्रेस का मकसद स्पष्ट है कि फर्जी वोट बने ना और सही वोट काटे ना। इसके लिए प्रदेशभर में कांग्रेस के तमाम नेता, कार्यकर्ता व पूरा संगठन सक्रिय है। हुड्डा ने कहा कि हांसी के चानौत गांव में ग्रामीणों के साथ सरकार ने धोखा और तानाशाही की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रोज पंजाब जाते हैं, फिर भी वो कभी हरियाणा के पानी को लेकर बात नहीं करते।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कई रिपोट्र्स का हवाला देकर बताया कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में हरियाणा किस तरह हरेक क्षेत्र में बुरी तरह पिछड़ चुका है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की सोशल प्रोग्रेसिव इंडेक्स के अनुसार 33 पॉइंट के साथ हरियाणा सबसे असुरक्षित प्रदेश है। इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच साल में हरियाणा पुलिस की रैंकिंग 8वें स्थान से खिसककर 14वें स्थान पर पहुँच गई है। 18 बड़े राज्यों में हरियाणा पुलिस 14वें नंबर पर है। हैप्पीनेस इंडेक्स में हरियाणा देश में 16 नंबर पर है। केंद्र के ग्रामीण विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक परफॉर्मेंस के मामले में हरियाणा 11वें स्थान पर है।
पूर्व सीएम ने कहा कि नीति आयोग की सस्टेनेबल डेवेलपमेंट गोल्स रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार हरियाणा पूरे देश मे 14वें नंबर पर है। नीति आयोग के अनुसार फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में हरियाणा 18 राज्यों मे 14वें स्थान पर है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन साल में भ्रष्टाचार के 187 प्रतिशत मामले बढ़े हैं। हरियाणा भ्रष्टाचार में छठे नंबर पर पहुंच गया है।
हरियाणा पर जो कर्जा 2014 तक 60 हजार करोड़ था, वो अब बढक़र साढ़े पांच लाख करोड़ हो चुका है। नीति आयोग की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा समग्र रैंकिंग में गिरकर 10वें स्थान पर पहुँच गया है। जबकि ईपीआई 2021 की रिपोर्ट में यह 5वें स्थान पर था। राज्य का स्कोर भी 63.55 से गिरकर 55.01 हो गया है, जो सीधे-सीधे सरकार की नीतिगत विफलता का प्रमाण है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

