गुरुग्राम: अरावली संरक्षण व हरित विकास में हरियाणा बना उदाहरण: भूपेंद्र यादव

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गुरुग्राम: अरावली संरक्षण व हरित विकास में हरियाणा बना उदाहरण: भूपेंद्र यादव


-मानेसर में आयोजित 77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के दूसरे चरण के शुभारंभ पर कही यह बात

गुरुग्राम, 07 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि हरियाणा सरकार ने विशेष रूप से गुरुग्राम और एनसीआर क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाकर उल्लेखनीय कार्य किया है। केंद्रीय मंत्री शुक्रवार को गुरुग्राम के मानेसर में आयोजित 77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के दूसरे चरण के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि वर्षों पहले जिस प्रकार गुरुग्राम की अरावली पर्वतमाला को पुन: हरित बनाने और उसके प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित करने का संकल्प लिया गया था। आज वह धरातल पर साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रयासों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा ने एनसीआर क्षेत्र में राजस्व भूमि के बड़े हिस्से को वन क्षेत्र के रूप में विकसित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार के प्रयास आने वाले वर्षों में दूरगामी परिणाम देंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा, अरावली, सुल्तानपुर वेटलैंड और हरित परिसंपत्तियां गुरुग्राम की पर्यावरणीय पहचान बन रही हैं।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि गुरुग्राम आज केवल औद्योगिक और आर्थिक विकास का केंद्र नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला, सुल्तानपुर वेटलैंड, जिले के ग्रासलैंड तथा अन्य प्राकृतिक क्षेत्रों का संरक्षण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन क्षेत्रों के संरक्षण से भूजल स्तर में सुधार, वर्षा जल के प्राकृतिक संचयन, जैव विविधता के संवर्धन तथा स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, स्वच्छ वायु के लिए किए जा रहे प्रयास, हरित आवरण बढ़ाने की योजनाएं तथा बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान एनसीआर में पर्यावरण संरक्षण का मजबूत मॉडल बनकर उभरे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और समाज की साझी भागीदारी से गुरुग्राम आने वाले समय में देश के अग्रणी हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल शहरों में अपनी पहचान और अधिक सशक्त करेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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