गुरुग्राम की आबो-हवा में हुआ सुधार, एक्यूआई 181 हुआ
अप्रैल 2026 में हवा की गुणवत्ता में पहले से दिखा काफी सुधारगुरुग्राम, 01 मई (हि.स.)। गुरुग्रामवासियों के लिए यह राहत भरी खबर है कि इस वर्ष अप्रैल महीने में कोरोना महामारी के बाद सबने सबसे साफ हवा में सांस ली। आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2026 में औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स घटकर 181 दर्ज किया गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय सुधार रहा। यह स्तर वर्ष 2017 और 2018 के दौरान दर्ज किए गए खतरनाक प्रदूषण स्तरों से काफी बेहतर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस सुधार के पीछे अनुकूल मौसम परिस्थितियां, तेज हवाएं, निर्माण गतिविधियों में आंशिक कमी और प्रदूषण नियंत्रण उपायों का प्रभाव शामिल है। साथ ही प्रशासन द्वारा समय-समय पर लागू की गई सख्त निगरानी और जागरुकता अभियानों ने भी वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने में भूमिका निभाई है। राहत के इस माहौल के बीच पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है। कहा है कि यह सुधार स्थायी नहीं है और शहर अभी भी स्वच्छ हवा के लक्ष्य से काफी दूर है। एक्यूआई का 181 स्तर मध्यम से खराब श्रेणी में आता है। यह विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। यदि निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं, और औद्योगिक उत्सर्जन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले महीनों में प्रदूषण स्तर फिर से बढ़ सकता है। इसके अलावा पराली जलाने जैसी बाहरी वजहें भी सर्दियों में वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं।
पर्यावरणविद् डा. राम सिंह कहते हैं कि प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को और सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। हरित क्षेत्र बढ़ाने, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाए। नागरिकों से भी अपेक्षा की गई है कि वे पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएं और प्रदूषण कम करने के प्रयासों में सहयोग करें। अप्रैल माह का यह सुधार सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन गुरुग्राम को स्थायी रूप से स्वच्छ हवा दिलाने के लिए निरंतर और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता बनी हुई है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

