गुरुग्राम: मिट्टी की गुणवत्ता जांच जरूरी: अनिल तंवर

गुरुग्राम: मिट्टी की गुणवत्ता जांच जरूरी: अनिल तंवर
गुरुग्राम: मिट्टी की गुणवत्ता जांच जरूरी: अनिल तंवर


-कृषि विभाग ने किसान सहायकों के सहयोग से एकत्रित किए जा रहे मिट्टी के सेंपल

गुरुग्राम, 11 जून (हि.स.)। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने इस साल गुरुग्राम जिला में किसानों से मिट्टी के 60 हजार नमूने एकत्रित कर उनकी जांच करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए गांवों में किसान सहायकों का सहयोग लिया जा रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक अनिल तंवर ने मंगलवार को बताया कि लघु सचिवालय के समीप स्थित कृषि प्रयोगशाला में मिट्टी व पानी के नमूनों की जांच की जाती है।

जिला में कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिए मिट्टी के 60 हजार नमूने एकत्रित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटेश्यिम की उचित मात्रा का होना जरूरी है, तभी फसल की अच्छी पैदावार ली जा सकती है। इसके अलावा सूक्ष्म खनिज पदार्थ जैसे मैग्रिशियम, कैल्शियम, आयरन आदि मिट्टी में भरपूर मात्रा में होने चाहिए।

खेत की सेहत को ठीक करने के लिए किसान को अपने खेत की मिट्टी की जांच अवश्य करवानी चाहिए। इसके लिए किसान के खेत का सॉयल हैल्थ कार्ड बनाया जाता है। कृषि उपनिदेशक ने बताया कि मिट्टी जांच के लिए गांवों में किसान सहायकों का सहयोग लिया जा रहा है। विभाग द्वारा मिट्टी का एक नमूना लाए जाने पर किसान सहायक को 40 रुपये का भुगतान किया जाता है। इसमें तीस रुपये मिट्टी का सेंपल जमा करवाने पर तथा दस रुपये किसान का हैल्थ कार्ड उसको देने पर दिए जाते हैं। अभी तक तीस किसान सहायकों की आईडी बनाई जा चुकी है। कोई भी बेरोजगार युवा किसान सहायक बन कर यह कार्य कर सकता है। एक किसान सहायक अधिक से अधिक 600 सेंपल लिए जा सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/ईश्वर/संजीव

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