गुरुग्राम: अभिनेता सुहेल सेठ ने सुविधाओं के लिए शुरू किया आंदोलन

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गुरुग्राम: अभिनेता सुहेल सेठ ने सुविधाओं के लिए शुरू किया आंदोलन


-बोले, देश का इंफ्रास्ट्रक्चर चरमरा रहा, अब जनता चुप नहीं बैठेगी

-हर मानसून में मिलेनियम सिटी गुरुग्राम को वेनिस बनने दिया जाता

गुरुग्राम, 11 अगस्त (हि.स.)। शहर में हर मानसून जलभराव और टूटी सडक़ों से परेशान नागरिकों की आवाज अब सोशल मीडिया पर आंदोलन बन गई है। गुरुग्राम में रहने वाले प्रसिद्ध मार्केटिंग एक्सपर्ट, लेखक और अभिनेता सुहेल सेठ ने देश के चरमराते सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ एक नागरिक आंदोलन की शुरुआत की है। सुहेल सेठ ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर 2.17 मिनट की वीडियो पोस्ट कर गुस्सा जाहिर किया।

उन्होंने कहा कि अरबों रुपये के घर बिक रहे हैं, लेकिन नागरिकों को चूहों से बदतर जिंदगी जीनी पड़ रही है। नागरिक हर साल भारी-भरकम टैक्स चुकाते हैं। इसके बावजूद बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं। अब समय आ गया है कि जनता चुप बैठना बंद करे। सरकार और प्रशासन को उनकी जवाबदेही याद दिलाने के लिए बड़ा डिजिटल और जमीनी आंदोलन खड़ा किया जाए। वीडियो में उन्होंने गुरुग्राम के साथ-साथ बंगलुरू, मुंबई जैसे बड़े शहरों की बदहाल सडक़ों, जलभराव और बिजली कटौती का मुद्दा उठाया। सुहेल सेठ ने लोगों से अपील की कि वे अपने इलाके में जलभराव, टूटी सडक़ों और अन्य समस्याओं के फोटो-वीडियो तारीख और लोकेशन के साथ भेजें। उन्होंने वादा किया कि हर सबूत को वे मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए सरकार तक पहुंचाएंगे। उनके मुताबिक अब तक 1000 से ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें गुरुग्राम, बंगलुरू और मुंबई से जलभराव, कूड़ा-कचरा और गड्ढों को लेकर हैं। इस आंदोलन को बायोकॉन की संस्थापिका किरण मजूमदार-शॉ, वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा और एंजेल इन्वेस्टर लॉयड मथियास जैसे प्रतिष्ठित लोगों का भी समर्थन मिला है।

271 करोड़ का फ्लैट, पर सडक़ें तीसरे दर्जे की

इस मुद्दे पर रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील सिंह श्योराण ने कहा कि मैं न कम्युनिस्ट हूं न कट्टर समाजवादी, लेकिन जिस गुरुग्राम में तीसरे दर्जे की नागरिक सुविधाएं हैं वहां 271 करोड़ रुपये में अपार्टमेंट बिक रहा है। भारत में कुछ तो बहुत गड़बड़ है। उन्होंने बिजनेसमैन मानव सरदाना द्वारा द डहलियाज में खरीदे गए 271 करोड़ के पेंटहाउस का जिक्र किया। सुहेल सेठ ने सडक़ों के गड्ढों को माउंट एवरेस्ट जितना बड़ा बताया और कहा कि हर मानसून में मिलेनियम सिटी गुरुग्राम को वेनिस बनने दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कमियों पर सिर्फ बातें करना बंद करते हैं और समाधान की तरफ बढ़ते हैं। हम ऐसे शहरों के हकदार हैं, जहां हम रह सकें, न कि ऐसे शहरों के जहां हमें तैरना पड़े। मंगलवार सुबह तक सुहेल सेठ की पोस्ट को चार लाख व्यूज, 728 कमेंट्स, 2100 रीपोस्ट और 7100 से अधिक लाइक्स मिल चुके थे। यह अभियान अब गुरुग्राम से निकलकर देश के अन्य शहरों तक पहुंच गया है। सुहेल सेठ ने साफ किया कि यह विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि एक नागरिक आंदोलन है, जिसका मकसद पुख्ता सबूतों के साथ अधिकारियों को जवाबदेह बनाना है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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