गुरुग्राम: 112 साल बाद मिला पहले विश्व युद्ध के शहीद का रिकॉर्ड

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गुरुग्राम, 12 सितंबर (हि.स.)। इतिहास में गुम हो चुके वीरों को सम्मान दिलाने के लिए हरियाणा में एक बड़ी मुहिम को लगातार गति मिल रही है। इस संबंध में एक शोधकर्ता ने पटौदी खंड के पथरेड़ी गांव के दो गुमनाम नायकों के ऐतिहासिक दस्तावेज खोजे हैं। शोधकर्ता भगवान फौगाट (स्वतंत्रता सेनानी राम सिंह के पुत्र) और शहीद स्वतंत्रता सेनानी नेतराम लोहचब के पड़पोते हैं। उन्होंने नेशनल आर्काइव्स और अंतरराष्ट्रीय सैन्य रिकॉर्ड खंगाल कर यह प्रमाण जुटाए हैं।

कॉमनवेल्थ वॉर ग्रेव्स कमीशन के रिकॉर्ड के अनुसार, पथरेड़ी निवासी सिपाही चेत राम पुत्र परम सुख ने प्रथम विश्व युद्ध में चार अगस्त 1914 को बलिदान दिया था। 112 साल बाद शहीद चेत राम का बलिदान सामने आया है। उनका नाम इंडियन बुक ऑफ रिमेंबरेंस में दर्ज है, लेकिन अब तक गांव के गौरव-पट्ट पर उनका नाम नहीं है। इसी तरह से जुग लाल नामक स्वतंत्रता सेनानी को भी गुमनामी से बाहर निकाला गया है। हूज हू स्वतंत्रता सेनानी संकलन के अनुसार, जुग लाल पुत्र टेक राम का जन्म 1907 में पथरेड़ी में हुआ था। वे पहले 4/19 हैदराबादी रेजिमेंट में थे। फिर 1942 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज की सुभाष ब्रिगेड में शामिल होकर देश के लिए लड़े, बंदी बने और यातनाएं झेलीं। शोधकर्ता ने प्रशासन और पंचायत से मांग की है कि दोनों वीरों के नाम राजकीय सम्मान के साथ पथरेड़ी के गौरव-पट्ट पर अंकित किए जाएं। शोधकर्ता भगवान फौगाट ने हरियाणा की जनता से अपील की है कि वे अपने गांवों के गौरव-पट्ट की फोटो साझा करें। अगर किसी वीर का नाम छूटा है तो वे आर्काइव्स से प्रमाण खोजकर उन्हें सम्मान दिलाने में मदद करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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