हरियाणा में गेस्ट टीचराें काे नियमित करने की तैयारी
-अदालती फैसलों के बाद सीएम के मुख्य प्रधान सचिव ने शिक्षा विभाग को दिए कार्रवाई के निर्देश
-दो दशकों का इंतजार और अदालती फैसलों के बाद जागा न्याय का भरोसा
चंडीगढ़, 28 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पिछले 20-21 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे लगभग 12 हजार अतिथि अध्यापकों (गेस्ट टीचर्स) में नियमित होने की एक नई उम्मीद जागी है। यह अध्यापक पिछले दो महीनों से लगातार अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं।
राज्य सरकार द्वारा कालेजों में कार्यरत करीब 5 हजार गेस्ट लेक्चरर्स को पहले ही नियमित किया जा चुका है, जिसके बाद स्कूलों में कार्यरत इन 12 हजार गेस्ट टीचरों की नियमित करने की मांग और अधिक मुखर हो गई है। हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण आदेशों ने इस मामले को नया मोड़ दिया है। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने आदेश जारी कर दो महीनों के भीतर गेस्ट टीचरों को नियमित करने के निर्देश दिए थे। इसके पश्चात छह अगस्त 2026 को डबल बेंच द्वारा सुनवाई के दौरान भी दो महीने के भीतर नियमितीकरण प्रक्रिया पूरा करने के आदेशों पर मुहर लगाई गई।
अदालती आदेशों को धरातल पर लागू करवाने के उद्देश्य से राज्य के आधा दर्जन से अधिक अतिथि अध्यापक संगठन अब पूरी तरह से एकजुट हो चुके हैं। उन्होंने मिलकर 'हरियाणा गेस्ट टीचर्स संघर्ष समिति' का गठन किया है, जिसमें मैना यादव, कुलदीप झरोली, डा. अजय लोहान, कृष्ण धारसूल, राजेंद्र शास्त्री, पारस शर्मा और नरेंद्र संधू शामिल हैं।
संघर्ष समिति के प्रतिनिधि डा. अजय लोहान ने मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि वे वर्ष 2014 में सरकार द्वारा बनाई गई नीति (16-06-2014 व 18-06-2014) की सभी शर्तों को पूरा करते हैं, परंतु वर्षों बाद भी पक्के नहीं हो पाए हैं। अनेक शिक्षक तो अब सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) के कगार पर पहुंच चुके हैं।
मामले की गंभीरता और अदालती आदेशों का संज्ञान लेते हुए मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने पत्र पर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। खुल्लर ने कहा कि गेस्ट टीचर्स को नियमित करने की संपूर्ण रूपरेखा और विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को अविलंब सौंपी जाए।
राज्य के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने भी गेस्ट टीचरों के विषय में गहरी रुचि दिखाई है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान शिक्षा मंत्री ने सहानुभूतिपूर्वक उनकी मांगों को सुना और आश्वस्त किया कि वे जल्द ही शिक्षक प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ एक विशेष बैठक आयोजित कराएंगे। मुख्यमंत्री के ओएसडी राज नेहरू ने भी गेस्ट टीचरों के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उनकी मांगों पर पूरी सहानुभूति और गंभीरता के साथ विचार कर रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

