हरियाणा कैबिनेटः अनुदान के लिए अब एक जैसा उपयोगिता प्रमाण पत्र होगा
चंडीगढ़, 24 मार्च (हि.स.)। हरियाणा कैबिनेट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में वित्तीय दस्तावेजों और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यूज़िंग ऑफ फंड्स के लिए मानक उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) का नया प्रारूप लागू करने को मंजूरी दी। अब सरकारी अनुदान प्राप्त करने वाले सभी संस्थान, स्थानीय निकाय, बोर्ड, निगम और सहकारी समितियां यह सुनिश्चित करेंगी कि निधि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही हुआ। पहले अलग-अलग संस्थाओं में प्रमाण पत्र के प्रारूप में भिन्नता होती थी, जिससे रिपोर्टिंग और जवाबदेही में चुनौती आती थी। नए मानकीकृत प्रारूप के तहत यह एकरूपता सुनिश्चित होगी। संशोधित नियमों के तहत अनुदान स्वीकृत या जारी करने वाले अधिकारी को यह प्रमाणित करना होगा कि सभी शर्तें पूरी हुई हैं। उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रधान महालेखाकार के साथ सहमति से निर्धारित अंतराल पर जमा किया जाएगा। इसमें अभिलेखों का रखरखाव, सहायक दस्तावेजों की प्रस्तुति और लेखा परीक्षा जैसी प्रक्रियाओं को अनिवार्य किया गया है। इससे हरियाणा में सार्वजनिक धन के सही और पारदर्शी उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

