ग्राम सभाओं की बैठक में अब कम सदस्यों से भी पूरा होगा कोरम

WhatsApp Channel Join Now

पंचायती राज कानून में संशोधन

चंडीगढ़, 01 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने ग्राम सभाओं की बैठकों में गणपूर्ति (कोरम) को आसान बनाने के लिए हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 विधानसभा में पास कर दिया। विधेयक में हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 11 में संशोधन का प्रस्ताव है। सरकार का तर्क है कि मौजूदा कोरम पूरा नहीं होने के कारण ग्राम सभाओं की बैठकें बार-बार स्थगित करनी पड़ती हैं, जिससे सरकारी योजनाओं और ग्राम पंचायत विकास योजनाओं से जुड़े काम प्रभावित होते हैं।

संशोधन के अनुसार, सामान्य ग्राम सभा के अधिवेशन के लिए ग्राम सभा के सदस्यों का एक बटा दस अथवा तीन सौ सदस्य, जो भी कम हो, गणपूर्ति के लिए पर्याप्त होंगे। यानी बड़ी ग्राम सभाओं में भी कोरम की संख्या व्यावहारिक स्तर पर रखने का प्रयास किया गया है। विधेयक में सरकारी योजना के लिए पात्र लाभार्थियों पर विचार करने, उसे मंजूर करने अथवा ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए होने वाली ग्राम सभा की बैठक के कोरम को भी तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव है। सरकार के अनुसार वर्तमान व्यवस्था में निर्धारित कोरम पूरा करना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाती और सरकारी योजनाओं को लागू करने में देरी होती है।

सरकार ने प्रस्तावित व्यवस्था में मुख्य बैठक में कुल सदस्यों के 20 प्रतिशत, पहली स्थगित बैठक में 15 प्रतिशत तथा दूसरी स्थगित बैठक में निर्धारित संख्या में सदस्यों की उपस्थिति को गणपूर्ति के रूप में निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य ग्राम सभा की बैठकों में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए निर्णय प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना है।

विधेयक के उद्देश्यों में कहा गया है कि मौजूदा प्रावधानों के तहत सरकारी योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों पर विचार और ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए ग्राम सभा की बैठक में अपेक्षाकृत अधिक कोरम निर्धारित है। इससे बैठकों में पर्याप्त संख्या में सदस्यों की उपस्थिति नहीं हो पाती। प्रस्तावित बदलाव से प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखते हुए ग्राम सभा को अपने काम अधिक प्रभावी और समयबद्ध ढंग से करने में मदद मिलेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

Share this story