हिसार : देशद्रोह के आरोपी स्वयंभू संत रामपाल केस में पुलिस कर्मियों ने दी गवाही
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में हुई पेशी
रामपाल समेत 22 अन्य के खिलाफ देशद्रोह का केस
हिसार, 03 जनवरी (हि.स.)। देशद्रोह सहित विभिन्न
मामलों में जिले की सेंट्रल जेल में बंद रामपाल की शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
के जरिए अदालत में पेशी हुई। सतलोक आश्रम में नवंबर 2014 में भड़की हिंसा के बाद रामपाल
पर देशद्रोह के तहत एफआईआर हुई थी। बरवाला थाने में दर्ज मुकदमा नंबर 428 के तहत यह
सुनवाई हुई जिसमें सतलोक आश्रम में ड्यूटी देने वाले चार गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
इसमें चार पुलिसकर्मी सुभाष, जंगबीर, मुकेश और अन्य शामिल रहे।
अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश गगन दीप मित्तल की
कोर्ट ने अब इस मामले में अगली सुनवाई 31 जनवरी को होगी। वहीं 14 जनवरी को हरियाणा
एंड पंजाब हाईकोर्ट में रामपाल की जमानत पर सुनवाई होगी। एक तरफ जहां रामपाल पर संगीन
मामले चल रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ रामपाल को जगह-जगह हरियाणा में सम्मानित किया जा
रहा है। सरकारी एजेंसियों के मुताबिक इस भीड़ में बाहर के लोग भी शामिल होने हो रहे
हैं।
इससे पहले भी रामपाल की पेशी के दौरान उसके समर्थक
हिसार में डेरा डाल देते थे। हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले रामपाल के कार्यक्रमों पर
सरकारी एजेंसियों की खास नजर है। बाकायदा हर कार्यक्रम की वीडियोग्राफी तक करवाई जा
रही है।
यह था सतलोक मामला
नवंबर 2014 में रामपाल के जिले के बरवाला स्थित
सतलोक आश्रम में उपद्रव हुआ था, जिसमें आश्रम के 6 अनुयायियों की मौत हुई थी। मरने
वालों में मध्यप्रदेश के जिला रीवा के अंबा गांव निवासी आदर्श सिंह, दिल्ली की लखपत
कॉलोनी निवासी 31 वर्षीय सरिता देवी, रोहतक जिले के भगवतीपुर निवासी 45 वर्षीय संतोष,
पंजाब के संगरूर के गांव शेखपुरा निवासी 50 वर्षीय मलकीत कौर, उत्तर प्रदेश के तहसील
लाल बेहर की जाखोद निवासी रजनी व यूपी के ही रामपुर वास की निवासी 70 वर्षीय राजबाला
शामिल थे।
इस विवाद को लेकर सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल
समेत 22 अन्य के खिलाफ देशद्रोह, हत्या, सरकारी ड्यूटी में बाधा, अधिक मात्रा में दवाइयां
रखने, गैस सिलेंडर आदि के स्टॉक से जुड़े केस दर्ज किए गए थे। रामपाल को हत्या से जुड़े
मामले में कोर्ट ने आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुना चुकी है।
रामपाल के वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने वाले हिसार
के एडवोकेट कुलदीप का कहना है कि रामपाल 2014 से जेल में बंद हैं। उन पर कुल 14 केस
लगे थे जिनमें से 11 केस में वे बरी हो चुके हैं। दो केस जिनका मुकदमा नंबर 429 और
430 है, उनमें हाईकोर्ट ने उनकी उम्रकैद की सजा को सस्पेंड कर दिया है। अभी देशद्रोह
का मुकदमा नंबर 428 है। इसमें 1000 से ज्यादा लोग शामिल थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

