फरीदाबाद : सीवरेज की गैस चढऩे से 2 युवकों की मौत पर निगम ने एजेंसी का भुगतान राेका

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फरीदाबाद : सीवरेज की गैस चढऩे से 2 युवकों की मौत पर निगम ने एजेंसी का भुगतान राेका


सीवरेज की गैस चढऩे से 2 युवकों की मौत केस; बिना उपकरण नीचे उतारा

फरीदाबाद, 10 जून (हि.स.)। जिले के प्रतापगढ़ स्थित मेन पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) में दो युवकों की मौत के बाद निगम कमिश्नर ने एजेंसी के भुगतान पर रोक लगाने के आदेश जारी किए है। निगम ने हादसे से एक दिन पहले ही संबंधित संचालन एजेंसी को स्टेशन की सफाई कराने के निर्देश जारी किए थे। यह कार्रवाई क्षेत्र में लगातार सीवर ओवरफ्लो और बैकफ्लो की शिकायतें मिलने के बाद की गई थी। जानकारी के अनुसार, कई वार्डों के पार्षदों ने निगम अधिकारियों को अवगत कराया था कि सीवर का पानी वापस लाइनों में भर रहा है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतों के आधार पर निगम के अधिकारियों ने संबंधित एजेंसी को टैंक की सफाई और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। प्रतापगढ़ और मिर्जापुर क्षेत्र के मेन पंपिंग स्टेशनों का संचालन गिरधाली लाल एजेंसी द्वारा किया जा रहा है। इन स्टेशनों के माध्यम से एनआईटी क्षेत्र का सीवर और ड्रेनेज का पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक पहुंचाया जाता है। स्टेशन की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर विभिन्न कॉलोनियों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या पैदा हो जाती है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस टैंक में सफाई कार्य कराया जा रहा था, उसमें पर्याप्त मात्रा में गाद जमा थी। सफाई के दौरान मौजूद कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे, लेकिन इसके बावजूद दोनों युवकों को आवश्यक सुरक्षा उपायों के बिना टैंक के अंदर भेज दिया गया। इसी दौरान जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण दोनों की जान चली गई। हादसे के बाद नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निगम कमीश्नर ने संबंधित एजेंसी के भुगतान पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सभी मेन पंपिंग स्टेशनों का नियमित अंतराल पर सुरक्षा ऑडिट कराया जाता है। यदि किसी स्थान पर सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी को नोटिस और चेतावनी जारी की जाती है। इसके बावजूद सुरक्षा नियमों की अनदेखी गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। कार्यकारी अभियंता नितिन कादियान ने बताया कि सभी एमपीएस का प्रत्येक तीन माह में सुरक्षा ऑडिट होता है। यदि सुरक्षा किट उपलब्ध होने के बावजूद श्रमिकों को बिना उपकरणों के टैंक में उतारा गया है, तो यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है और इस मामले में निगम स्तर पर भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर

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