फालोअप --सोनीपत: कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री आग, चार इकाइयां प्रभावित
सोनीपत, 03 अप्रैल (हि.स.)। सोनीपत
के कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार तड़के कुलर, पंखे और जूसर-मिक्सर बनाने वाली
फैक्ट्री में लगी भीषण आग पर दमकल विभाग ने लगभग 70 प्रतिशत नियंत्रण पा लिया है। अधिकारियों
के अनुसार आग पूरी तरह बुझाने में अभी और समय लग सकता है। घटना सुबह करीब चार बजे फैक्ट्री
नंबर सी-56 में हुई, जहां मौजूद कर्मचारियों ने बाहर निकलकर कंट्रोल रूम को सूचना दी।
सुरक्षा के मद्देनजर आसपास का इलाका खाली कराया गया, जिससे जनहानि टल गई।
कुंडली
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान धीरज ने बताया कि फैक्ट्री नंबर सी-56 में कूलर, पंखे
और जूसर-मिक्सर का निर्माण होता है। अज्ञात कारणों से लगी आग पर शुरुआती स्तर पर कर्मचारियों
ने काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के कारण आग तेजी से फैल गई। कुछ ही देर
में आग ने पूरी इकाई को चपेट में ले लिया और तेज हवा के कारण पास की तीन अन्य फैक्ट्रियां
भी प्रभावित हो गईं। फैक्ट्री परिसर में खड़ी एक कार पूरी तरह जल गई तथा कई स्थानों
पर लोहे के ढांचे तक झुलस गए।
दमकल
विभाग के अधिकारी रामेश्वर के अनुसार सूचना मिलते ही सोनीपत के साथ पानीपत, झज्जर,
गोहाना और बहादुरगढ़ से दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। कुंडली, राई एजुकेशन सिटी
और गन्नौर से भी टीमें पहुंचीं। कुल 18 से अधिक गाड़ियां लगातार पानी की बौछार कर आग
पर नियंत्रण पाने में जुटी रहीं। जरूरत पड़ने पर नरेला से भी सहायता लेने के प्रयास
किए गए। करीब 12 घंटे से अधिक समय तक चले अभियान में आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा
लिया गया है।
अधिकारियों
के अनुसार प्रभावित इकाइयों में पंखे, कूलर और अन्य घरेलू उपकरणों का निर्माण होता
था। आग से भारी मात्रा में तैयार माल और कच्चा सामान जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक जांच
में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण आग पूरी तरह बुझने
के बाद ही स्पष्ट होगा।
फैक्ट्री
मालिकों की जानकारी के अनुसार फैक्ट्री सी-56 के मालिक गगन धूपड़ और फैक्ट्री सी-58
के मालिक दिव्यांशु दिल्ली में रहते हैं। घटना की सूचना सुबह गार्ड के माध्यम से मालिकों
को दी गई। बताया गया कि फैक्ट्रियों में दिन के समय उत्पादन कार्य होता है और रात में
सीमित कर्मचारी मौजूद रहते हैं। कुंडली थाना पुलिस ने क्षेत्र को खाली कर सुरक्षा व्यवस्था
संभाली। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता आग बुझाने और नुकसान सीमित करने की रही।
राहत की बात यह है कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जबकि नुकसान का
आकलन आग बुझने के बाद किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

