हिसार : नर्सिंग कॉलेज के नाम से 20 लाख की एफडी फ्रीज
छात्राओं को सुरक्षित वातावरण देने के लिए माइग्रेशन
प्रक्रिया तेज
हिसार, 03 जनवरी (हि.स.)। नारनौंद क्षेत्र के
एक नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं के आंदोलन के बाद अब मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया
है। अब प्रशासन ने कॉलेज प्रबंधन पर शिकंजा कस दिया है। कॉलेज चेयरमैन जगदीश गोस्वामी
की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और प्रशासन ने जांच तथा प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी है।
सरकार और प्रशासन की ओर से छात्राओं की मांगों पर सहमति बनने के बाद 31 दिसंबर की देर
रात धरना समाप्त हुआ था। अब छात्राओं को सुरक्षित वातावरण देने के लिए माइग्रेशन प्रक्रिया
तेज कर दी गई है।
इसके बाद एक जनवरी को छात्राओं को माइग्रेशन के
लिए आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराए गए। अगले दिन दो जनवरी तक लगभग 150 छात्राओं ने माइग्रेशन
के लिए अपने आवेदन जमा कर दिए हैं। इन फॉर्मों को आज पंचकूला भेजा जाएगा, जिसके बाद
माइग्रेशन की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू हो सकेगी। प्रशासन ने छात्राओं की प्रमुख
मांग माइग्रेशन पर तुरंत कदम उठाते हुए प्रक्रिया शुरू की है। एसडीएम विकास यादव ने शनिवार काे
बताया कि सभी आवेदन पंचकूला भेजे जाएंगे, जहां से नियमानुसार आगे की प्रक्रिया शुरू
होगी। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि छात्राओं के भविष्य को देखते हुए किसी भी स्तर
पर देरी नहीं होने दी जाएगी। छात्राओं की सुरक्षा के लिए कॉलेज परिसर में अभी भी पुलिस
बल तैनात है।
सर्दियों की छुट्टियां होने के कारण कई छात्राएं अपने घरों को लौट गई
हैं। कॉलेज से जुड़े वित्तीय मामलों में भी प्रशासन
ने सख्ती दिखाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज के सभी बैंक खाते और कॉलेज
के नाम पर करीब 20 लाख रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को फ्रीज कर दिया गया है। अब
बिना अनुमति किसी भी खाते से लेनदेन नहीं हो सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, आगे चलकर
एक कमेटी गठित की जाएगी, जिसकी अनुमति से ही खातों का संचालन किया जाएगा ताकि पारदर्शिता
बनी रहे और छात्राओं के हित सुरक्षित रहें। उधर, आरोपी चेयरमैन जगदीश गोस्वामी के वकील की
ओर से हिसार सेशन कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की गई थी, लेकिन बाद में यह अर्जी
वापस ले ली गई। इससे साफ है कि फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में ही रहेगा और जांच जारी
रहेगी।
पांच जिलों के कॉलेजों में होगा माइग्रेशन
प्रशासन के अनुसार माइग्रेशन लेने वाली छात्राओं
को रोहतक, अंबाला, करनाल, बहादुरगढ़ और फतेहाबाद के नर्सिंग कॉलेजों में रिक्त सीटों
पर दाखिला दिया जाएगा। एक नर्सिंग छात्रा ने बताया कि माइग्रेशन लेने वाली 50 से ज्यादा
छात्राएं हॉस्टल छोड़कर घर लौट चुकी हैं, जबकि कुछ छात्राएं अभी हॉस्टल में हैं और
सीधे नए कॉलेज के हॉस्टल में शिफ्ट होंगी। फिलहाल 150 से ज्यादा छात्राएं माइग्रेशन
के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 15 दिन का समय लग सकता है।
प्रशासन का कहना है कि सरकार छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध
है और सभी कदम नियमों के तहत उठाए जा रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

